देहरादून, जेएनएन। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने जिलाधिकारी के माध्यम से गृहमंत्री अमित शाह को ज्ञापन प्रेषित कर दिल्ली ङ्क्षहसा के दोषियों पर शीघ्र कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। 

अभाविप के विभाग संयोजक पारस गोयल ने कहा कि दिल्ली हिंसा में अभी तक एक पुलिसकर्मी सहित कई लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर व चांदबाग आदि क्षेत्र में सीएए के विरोध के नाम पर हिंसा और आगजनी में दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है।

इसके अलावा भी प्रदर्शनकारियों ने करोड़ों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। ज्ञापन के माध्यम से इस बात पर रोष व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि सीएए के विरोध के नाम पर पूरे देश में अराजकता फैलाने वाले देश को अस्थिर करने के मंसूबे पाले हुए हैं। जो कभी भी पूरे नहीं होंगे। इस मौके पर अक्षय सैनी, विपिन भट्ट, आदित्य नौटियाल, सचिन सिंह, अभिषेक रावत, राहुल पेटवाल आदि मौजूद रहे।  

हिंसा के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार: एसएफआइ

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ) ने दिल्ली में हुई हिंसक घटनाओं को सुनियोजित करार देते हुए इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार यह सब अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए कर रही है। 

डीएवी पीजी कॉलेज के सभागार में हुई बैठक में एसएफआइ ने जिला प्रशासन से सीएए का विरोध कर रहे आंदोलनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही दिल्ली में हुई ङ्क्षहसक घटनाओं में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। 

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साथ ही हुमसा के शिकार लोगों के परिवारों को मुआवजा और दोषियों को दंडित करने की मांग की। बैठक में एसएफआइ के राज्य अध्यक्ष नितिन मलेठा, राज्य सचिव हिमांशु चौहान, शैलेंद्र परमार, अमन, संजय, हितेश, सुप्रिया आदि मौजूद रहे।

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Posted By: Bhanu

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