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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देहरादून में खाद्यान की प्रचुर मात्रा बाजार में है उपलब्‍ध, पढ़िए

By Sunil NegiEdited By:
Published: Wed, 15 Apr 2020 09:39 AM (IST)

दून में खाद्यान स्टॉक सामान्य है। आटा चावल खाद्य तेल समेत अन्य खाद्य पदार्थ प्रचुर मात्रा में बाजार में उपलब्ध ...और पढ़ें

देहरादून में खाद्यान की प्रचुर मात्रा बाजार में है उपलब्‍ध, पढ़िए
देहरादून में खाद्यान की प्रचुर मात्रा बाजार में है उपलब्‍ध, पढ़िए

देहरादून, जेएनएन। देहरादून में खाद्यान स्टॉक सामान्य है। आटा, चावल, खाद्य तेल समेत अन्य खाद्य पदार्थ प्रचुर मात्रा में बाजार में उपलब्ध हैं। बाहरी मंडियों से लगातार राशन की आवक बढ़ती जा रही है। साथ ही आटा मिलों में भी आटे का उत्पादन बढ़ गया है। राशन की आवक के हिसाब से अब खाद्यान की मांग भी घट गई है। इसके चलते बाजार में खाद्यान का स्टॉक भी लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि देहरादून में खाद्य पदार्थों की प्रचुर मात्रा उपलब्ध है। इसलिए लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है।

रसोई गैस का भी पर्याप्त स्टॉक

दून में घरेलू सिलेंडर का स्टॉक भी अब संतुलित हो गया है। पैनिक बुकिंग पर लगाम लगने से बैकलॉग भी घटता जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि गुरुवार को दून में 14450 सिलेंडर लोगों को उपलब्ध करवाए गए। बताया कि आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल को मिलाकर अभी 23620 सिलेंडरों का स्टॉक दून में मौजूद है।

एपीएल कार्डधारकों को दोगुना खाद्यान्न

राज्य खाद्य योजना के 10.27 लाख एपीएल राशनकार्ड धारकों को तीन महीने अप्रैल से जून तक दोगुना खाद्यान्न जल्द मिलेगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसके लिए 33.84 लाख धनराशि जारी की। उधर, खाद्य सचिव सुशील कुमार ने भी राशनकार्डधारकों को खाद्यान्न मुहैया कराने के आदेश जारी कर दिए। उक्त राशनकार्ड धारकों को दी जा रही नकद डीबीटी की राशि स्थगित कर दी गई है।

कोरोना संकट में लॉकडाउन की वजह से आम आदमी को परेशानी से निजात दिलाने में सरकार कसर नहीं छोड़ रही है। बीती आठ अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य खाद्य योजना के तहत सभी एपीएल श्रेणी के करीब 40 लाख लोगों को तीन माह का खाद्यान्न दोगुना करने का निर्णय लिया गया। इन राशनकार्ड धारकों को प्रति कार्ड 2.50 किलो चावल 11 रुपये प्रति किलो की दर पर दिया जाता है। 

पांच किलो गेहूं 8.60 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उक्त राशनकार्डधारकों को खाद्यान्न के लिए खाद्य महकमे को धन जारी किया। खाद्य सचिव सुशील कुमार ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले आयुक्त को आदेश जारी कर उक्त उपभोक्ताओं को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के संबंध में कार्यवाही करने को कहा है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून तक दोगुना खाद्यान्न में अब गेहूं और चावल की मात्र बराबर-बराबर रखी गई है। यानी उपभोक्ताओं को 7.5 किलो गेहूं और 7.5 किलो चावल मिलेगा। खाद्यान्न की दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

14 वाहनों में बेचे 56 कुंतल फल-सब्जी

लॉकडाउन के दौरान लोगों को मोहल्लों में ही कम दाम पर फल-सब्जी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन की नई व्यवस्था के तहत मोहल्लों में जाकर थोक दाम पर फल-सब्जी बेचे जा रहे हैं। मंगलवार को 14 वाहनों ने विभिन्न क्षेत्रों में कुल 56 कुंतल फल-सब्जी बेचे गए।

जिलापूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर मंडी समिति और खाद्य आपूर्ति विभाग आमजन को सब्जी व राशन सुलभ करा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को शहर के विभिन्न इलाकों में लोडर से फल-सब्जी बेची गई।

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1300 पैकेट आलू-प्याज बेचे

जिला पूर्ति विभाग ने राशनकार्ड धारकों की सहूलियत के लिए सरकारी राशन की दुकानों में आलू और प्याज की बिक्री भी शुरू की है। मंगलवार को जनपद में सरकारी राशन की 30 दुकानों पर आलू-प्याज बेचा गया। इस दौरान कुल 1300 पैकेट आलू-प्याज बिके। राशन की दुकानों में दो किलो आलू और आधा किलो प्याज के पैकेट उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 50 रुपये है। लोग भी इन्हें हाथों-हाथ ले रहे हैं।

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