Uttarakhand Coronavirus Update: उत्तराखंड में कोरोना के दो नए मामले, छह मरीज हुए स्वस्थ
उत्तराखंड में शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के दो और मामले सामने आए हैं। इसमें एक मामला हरिद्वार जिले का है जबकि दूसरा मामला ऊधमसिंह नगर का है।
देहरादून, जेएनएन। तीन दिन राहत के बाद उत्तराखंड में फिर आफत बढ़ गई है। शुक्रवार को हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर में एक-एक केस पॉजिटिव आया है। प्रदेश में अब तक कोरोना के 63 मामले आए हैं। इसके अलावा दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव पाए गए दून निवासी बुजुर्ग का भी यहीं उपचार चला। कुल 64 मामलों में 46 लोग अब तक स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें छह मरीज शुक्रवार को ठीक हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के 17 एक्टिव केस हैं। इसके अलवा एक महिला की मौत भी हो चुकी है।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बताया कि शुक्रवार को 349 सैंपल की जांच रिपोर्ट मिली है। जिनमें 347 की रिपोर्ट निगेटिव और दो केस पॉजीटिव हैं। इनमें रुड़की के खाताखेड़ी गांव, इकबालपुर निवासी 31 वर्षीय एक व्यक्ति बीती सात मई क्रॉनिक नेक्रोटाइजिंग पेन्क्रियाटाइटिस के उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंचा था। जहां कोरोना जांच के लिए उसका सैंपल लिया गया।
रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। वह छह मई को रुड़की मैक्स हॉस्पिटल में भी गया था। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड के लिए रुड़की में ही विनय विशाल हॉस्पिटल भी गया। इसके अलावा उसकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। वह कहां और किसके संक्रमित हुआ इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा उसके संपर्क में आए लोगों को भी क्वांरटाइन किया जाएगा।
उधर, ऊधमसिंहनगर में भी एक व्यक्ति पॉजीटिव आया है। ग्राम कनौरा बाजपुर निवासी यह युवक दिल्ली से आ रहा था, जिसे छह मई को काशीपुर के एलडी भट्ट अस्पताल में आइसोलेट किया गया था। बुखार व खांसी की शिकायत पर इसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। उन्होंने बताया कि प्रदेश से अब तक कुल 9116 सैंपल जांच को भेजे गए हैं। जिनमें 8485 की रिपोर्ट निगेटिव और 63 की पॉजीटिव आई है। इसके अलावा दून निवासी एक बुजुर्ग दिल्ली में कोरोना पॉजीटिव पाए जाने के बाद वापस यहां लौट आए थे। स्वास्थ्य महानिदेशक ने बताया कि प्रदेश में अब तक 72 फीसदी लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इसके अलावा अब तक जांचे गए सैंपल में 0.74 फीसद ही पॉजीटिव हैं। जबकि मृत्यु दर 1.56 प्रतिशत है।
215 और सैंपल जांच को भेजे
शुक्रवार को 215 और सैंपल जांच को भेजे गए हैं। इनमें सबसे अधिक 56 सैंपल ऊधमसिंहनगर से भेजे गए हैं। वहीं देहरादून से 30, हरिद्वार से 13, उत्तरकाशी से चार और अल्मोड़ा से दो सैंपल जांच को भेजे गए हैं। दून स्थित निजी लैब में भी 110 सैंपलों की जांच होनी बाकी है।
एम्स नर्स की दूसरी रिपोर्ट भी नेगेटिव
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) ऋषिकेश में तैनात एक नर्स की कोविड-19 रिपोर्ट नेगेटिव आई है। एम्स में तैनात इस नर्स की 28 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद इसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया था। संक्रमित नर्स शिवा एनक्लेव क्षेत्र में रहती थी। इस पूरे क्षेत्र को प्रशासन ने सील कर दिया था। प्रशासन ने इस नर्स की रूम मेट नर्स समेत 16 लोगों को क्वारंटाइन किया था।
एम्स में कार्यरत 26 वर्षीय नर्स की ड्यूटी पूर्व में यूरोलॉजी वार्ड में थी। उसके बाद वह सर्जरी वार्ड में ड्यूटी दे रही थी। जांच के बाद नर्स में कोरोना की पुष्टि हुई थी। एम्स में सबसे पहले जिस नर्सिंग ऑफिसर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वह भी यूरोलॉजी वार्ड में तैनात थे। एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि 28 तारीख को पॉजिटिव नर्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद उसकी दो रिपोर्ट नेगेटिव आई है। क्वारंटाइन अवधि पूर्ण होने के बाद इसे छुट्टी दे दी जाएगी।
कोरोना से निपटने को नवंबर तक का प्लान
प्रदेश सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए तैयारियों को दो माह आगे के लिए बढ़ा दिया है। अभी तक सितंबर तक इससे निपटने के लिए तैयारी की गई है। नई तैयारियों के तहत वेंटीलेटर और आइसीयू बेड बढ़ाने के साथ ही कोविड केयर सेंटरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में कैबिनेट बैठक से पहले मंत्रिपरिषद ने तैयारियों को दो माह के लिए और बढ़ाने का निर्णय लिया। यह जानकारी देते हुए शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि कोरोना के लिए सरकार ने अब तैयारियों को नवंबर तक के लिए बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत अभी तक प्रदेश में आइसीयू बैड की संख्या सितंबर तक 246 करने का निर्णय लिया गया था। इसे अब 284 किया जा रहा है। इसी तरह वेंटीलेटर की संख्या 246 से बढ़ाकर 261 करने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा अन्य और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का कोरोना रोकथाम में प्रदर्शन अन्य राज्यों से काफी बेहतर रहा है। जहां पूरे देश में रिकवरी रेट 26.5 फीसद है वहां उत्तराखंड में यह रेट 64 फीसद है। पूरे प्रदेश में जहां कोरोना से मृत्यु दर चार फीसद से ज्यादा है वहीं उत्तराखंड में यह 0.74 प्रतिशत है। हालांकि, एम्स ने यह स्पष्ट किया है कि कोरोना पीड़ित की मौत का कारण अन्य थे, बावजूद इसके सरकार इसे कोरोना से हुई मृत्यु में गिन रही है।
पंचायत भवनों में भी करेंगे क्वारंटाइन
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बाहर से आने वालों लोगों को उनके घरों में क्वारंटाइन रखने को कहा गया है। जिनके पास गांव में ज्यादा कमरे नहीं है अथवा घर नहीं है, उन्हें पंचायत भवनों में क्वारंटाइन किया जाएगा। इन पर नजर भी रखी जाएगी। इसके लिए ग्राम प्रधानों को असीमित अधिकार दिए गए हैं।
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