विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रुढ़ियां तोड़ बेटियों ने दी मां को मुखाग्नि

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 10 Feb 2018 07:18 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 10 Feb 2018 07:20 PM (GMT+05:30)

चंपावत जिले के लोहाघाट में समाज में व्याप्त रुढ़ियों की परवाह किए बगैर बेटियों ने मां की चिता को मुखाग्नि दी।

रुढ़ियां तोड़ बेटियों ने दी मां को मुखाग्नि
रुढ़ियां तोड़ बेटियों ने दी मां को मुखाग्नि

v>लोहाघाट(चंपावत), [खीमानंद उपाध्याय]: समाज में व्याप्त रुढ़ियों की परवाह किए बगैर बेटियों ने मां की चिता को मुखाग्नि दी। बेटियों की पहल की लोग सराहना कर रहे हैं। 
मूल रूप से बिशुंग क्षेत्र के बंदेला ढेक व हाल मुकाम चांदमारी निवासी विद्युत विभाग से सेवानिवृत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हयात सिंह ढेक की पत्नी बसंती देवी (64 वर्ष) का गुरुवार को निधन हो गया। 
उनकी पांच संतानों में दो बेटियों ने अंतिम संस्कार की रीति निभाई। दोनों बेटियों ममता व कविता ने मां का अंतिम संस्कार स्थानीय ऋषेश्वर घाट पर किया। स्व. बसंती देवी वर्ष 2010 में राप्रावि ऐंचोली पिथौरागढ़ से शिक्षिका के पद से सेवानिवृत हुई थी। उनके निधन पर क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने लोग ने शोक संवेदना व्यक्त की है। 
मां की भी थी इच्छा 
पांच बेटियों की मां को पुत्र होने का गम नहीं था। उनकी अंतिम इच्छा यही थी कि उनकी बेटियां ही उनके मरने पर उनको मुखाग्नि दें।