ऋषिकेश, [जेएनएन]: शिवाजी नगर बाबू ग्राम में एक दस वर्षीय पुत्री ने रूढ़ियों की परंपरा को तोड़कर पिता को मुखाग्नि दी। क्योंकि अंतिक संस्कार के वक्त बच्ची का चाचा दूसरे राज्य से समय पर नहीं पहुंच पाया। आइए जानते हैं पूरा मामला।

घटना ऋषिकेश के शिवाजी नगर बाबू ग्राम की है। यहां के निवासी दीपक थापा (40 वर्ष) की लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को मौत हो गई। इससे घर में मातम छा गया। सूचना राजस्थान रहने वाले मृतक के भाई को दी गई, लेकिन भाई अंतिम संस्कार के वक्त पर शामिल नहीं हो पाया।

पढ़ें-नशे के खिलाफ आवाज उठाकर महिलाओं के लिए 'परमेश्वर' बनी परमेश्वरी

इस पर गंगा तट स्थित चंद्रेश्वर घाट पर मृतक की एक मात्र संतान खुशी (10 वर्ष) ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। बेटी के हाथों पिता का अंतिम संस्कार देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।

पढ़ें:-बेटी ने तोड़ी रूढ़ियों की बेड़ियां, पिता का किया अंतिम संस्कार

Posted By: Sunil Negi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस