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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बदरीनाथ धाम में पूजा के बाद किए वेद पुराण भंडार में जमा

By sunil negiEdited By:
Published: Mon, 14 Nov 2016 06:26 PM (IST)Updated: Tue, 15 Nov 2016 09:12 AM (IST)

भगवान बदरी विशाल के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तीसरे दिन वेद पुराण की पूजा-अर्चना करने के बाद इस वर्ष के लिए बंद कर दी गई हैं।

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गोपेश्वर, [जेएनएन]: भगवान बदरी विशाल के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तीसरे दिन खड़ग पुस्तक अर्थात वेद पुराण की पूजा-अर्चना करने के बाद इस वर्ष के लिए बंद कर दी गई हैं।

बदरीनाथ मंदिर में सायंकालीन पूजाओं के दौरान खड़ग पुस्तक की पूजा-अर्चना की गई। इन्हीं पुस्तकों के आधार पर भगवान बदरी विशाल की छह माह की सभी छह पूजाएं संपन्न की जाती हैं। अब कपाट बंद होने के मात्र दो दिन शेष रहने से पूर्व हर वर्ष की तरह पौराणिक धार्मिक विधि विधानों के साथ खड़ग पूस्तक की पूजा-अर्चना करने के बाद शीतकाल के लिए भंडार में जमा कर दी गई है।

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अब दो दिनों तक विद्वानों द्वारा बिना वेद पुराणों के ही भगवान बदरी विशाल की पूजा अर्चना अपने ज्ञान के आधार पर की जाएगी। इस दौरान मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, वेदपाठी सत्य प्रसाद चमोला, राधाकृष्ण वैष्णव, टैंपल अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी समेत कई लोग मौजूद थे।

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