जोशीमठ (चमोली), रणजीत सिंह रावत। विश्व धरोहर फूलों की घाटी में इस बार रिकॉर्ड पर्यटक पहुंच रहे हैं। अब तक 15508 पर्यटक घाटी का दीदार कर चुके हैं, जो कि अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इससे पहले कभी भी एक सीजन में इतने पर्यटक घाटी में नहीं पहुंचे, जबकि अभी इस सीजन को खत्म होने में लगभग दो माह का समय बचा है। 

चमोली जिले में समुद्रतल से 12995 फीट की ऊंचाई पर स्थित फूलों की घाटी को यूनेस्को ने वर्ष 2005 में विश्व धरोहर का दर्जा दिया था। 87.5 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैली इस घाटी में जहां 500 से अधिक दुर्लभ प्रजाति के फूल खिलते हैं, वहीं दुर्लभ हिमालयी जीव-जंतु, परिंदों और जड़ी-बूटियों का दीदार भी किया जा सकता हैं। यही वजह है कि हर साल यहां हजारों देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। इस सीजन में अब तक 15508 पर्यटक घाटी में पहुंच चुके हैं हैं, जिनमें 15046 भारतीय और 460 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। यह घाटी के इतिहास में पर्यटकों की सबसे बड़ी संख्या है। इससे पूर्व वर्ष 2018 में सर्वाधिक 14742 पर्यटक घाटी के दीदार को पहुंचे थे। 

आय के मामले में भी घाटी में इस बार नया रिकॉर्ड बना है। इस साल अब तक फूलों की घाटी वन प्रभाग को 24 लाख 68 हजार 700 रुपये की आय हो चुकी है। स्थानीय निवासी भरत सिंह चौहान का कहना है कि रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों के आने से पर्यटन और होटल व्यवसायियों को भी काफी लाभ हुआ है। उम्मीद है अगले दो महीनों में इसमें और इजाफा होगा। 

उधर, फूलों की घाटी वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन भारती का कहना है कि इस साल जिस तरह पर्यटक घाटी में उमड़ रहे हैं, उससे बेहतर भविष्य की उम्मीद बंधी है।

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छह वर्षों में फूलों की घाटी पहुंचे पर्यटक 

वर्ष, पर्यटक 

2019, 15508 (पांच सितंबर तक) 

2018, 14742     

2017, 13752     

2016, 6503     

2015, 181     

2014, 484 

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Posted By: Raksha Panthari

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