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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Budget session 2020: राज्यपाल अभिभाषण पर हुई चर्चा, सत्तापक्ष ने सराहा तो विपक्ष ने दिखाया आइना

By Sunil NegiEdited By:
Published: Fri, 06 Mar 2020 10:51 AM (IST)

राज्यपाल अभिभाषण पर शुरू हुई चर्चा गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी के मुद्दे पर सिमट गई। सत्तापक्ष के विधायकों ने इसे जनभावनाओं का सम्मान बताया।

Uttarakhand Budget session 2020: राज्यपाल अभिभाषण पर हुई चर्चा, सत्तापक्ष ने सराहा तो विपक्ष ने दिखाया आइना
Uttarakhand Budget session 2020: राज्यपाल अभिभाषण पर हुई चर्चा, सत्तापक्ष ने सराहा तो विपक्ष ने दिखाया आइना

गैरसैंण, राज्य ब्यूरो। विधानसभा सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल अभिभाषण पर शुरू हुई चर्चा गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी के मुद्दे पर सिमट गई। सत्तापक्ष के विधायकों ने इसे जनभावनाओं का सम्मान बताया। साथ में किसानों, युवाओं समेत तमाम तबकों के कल्याण को सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को सराहा। वहीं अभिभाषण पर चर्चा के लिए विपक्ष सहमत तो हुआ, लेकिन गैरसैंण में मौजूदा विधानसभा सत्र के दौरान सुविधाओं की कमी, गैरसैंण के लिए नए बजट में प्रविधान नहीं किए जाने को लेकर सरकार को आइना दिखाने में कसर नहीं छोड़ी। बेरोजगारी, महंगाई, स्टोन क्रशर बंद होने जैसे मुद्दों को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया।

भोजनावकाश के बाद गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सरकार ने विधेयकों को पारित कराया। इसके बाद राज्यपाल अभिभाषण पर सत्तापक्ष के विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने अभिभाषण को विशिष्ट अभिभाषण करार देते हुए कहा कि विकास को लेकर सरकार का रोडमैप सामने आया है। सत्तापक्ष की ओर विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, विनोद चमोली, धन सिंह नेगी, देशराज कर्णवाल, मुकेश कोली, ऋतु खंडूड़ी ने विचार रखे।

उधर, विपक्ष के तेवर अभिभाषण पर तल्ख रहे। उन्होंने इसे झूठ का पुलिंदा करार दिया। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने पर गुपचुप तरीके से फैसला लिया गया। सरकार ने किसी को विश्वास में लेने की जरूरत नहीं समझी। गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने के फैसले के बावजूद जरूरी सुविधाओं का बंदोबस्त नहीं किया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के बावजूद लोकायुक्त का गठन नहीं किया गया। काजी निजामुद्दीन ने सत्तापक्ष के विधायकों पर तंज कसते हुए कहा, 'राजा ने कहा रात है, रानी ने कहा रात, मंत्री ने कहा रात है, संतरी ने  कहा रात है, ये सुबह की बात है।' विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यों पर मौजूदा सरकार वाहवाही लूटना बंद करे। गैरसैंण के लिए नए बजट में धन का प्रविधान नहीं किया गया। विपक्ष की ओर से विधायक ममता राकेश, राजकुमार, फरकुान अहमद ने भी विचार रखे। 

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नंदा गौरा योजना पर उठाए सवाल

शून्यकाल में कांग्रेस विधायक मनोज रावत ने ने नंदा गौरा योजना पर उनकी ओर से सदन में पांच दफा पूछे गए प्रश्न का सही जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जून 2016 से हमारी कन्या हमारा अभिमान योजना के तहत इस योजना में 39.98 करोड़ राशि लाभाॢथयों को वितरित की गई। प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद 2017-18 में इस योजना के तहत 4.72 करोड़ और 2018-19 में अगस्त माह तक सिर्फ 96 लाख ही वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि करीब 38 हजार बच्चियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जवाब में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने बताया कि प्रदेश में इस योजना के तहत आवेदन करने वाले पात्रों को लाभ दिया गया है। जवाब से असंतुष्ट विधायक मनोज रावत ने पीठ से विनिश्चय देने की मांग की। विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।

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