विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आजादी के 69 साल बीते, बिन बिजली बेहाल

By Gaurav KalaEdited By:
Published: Sat, 11 Feb 2017 01:31 PM (IST)Updated: Sun, 12 Feb 2017 07:32 AM (IST)

देश की आजादी के 69 सालों बाद भी अल्‍मोड़ा के राजकीय इंटर कालेज महतगांव में बिजली नहीं पहुंच पाई है। वहीं पेयजल की दिक्कत भी बनी हुई है।

आजादी के 69 साल बीते, बिन बिजली बेहाल
आजादी के 69 साल बीते, बिन बिजली बेहाल

अल्मोड़ा, [डीके जोशी]: सरकारी तंत्र की अनदेखी के चलते अल्मोड़ा जनपद के राजकीय इंटर कालेज महतगांव में देश की आजादी के 69 सालों बाद भी बिजली नहीं पहुंच पाई है। वहीं पेयजल की दिक्कत सो अलग। ऐसे में यहां बिन बिजली देश के भावी कर्णधारों का भविष्य रोशन किया जा रहा है। विद्यार्थियों को बिजली से संबंधित प्रयोगात्मक कार्य से वंचित रहना पड़ता है।

विद्यार्थियों में शिक्षा की अलख जगाने के उद्देश्य से सन् 1996 में यह विद्यालय हाईस्कूल बना। बाद में क्षेत्रीय जनता की प्रबल मांग के बाद इसे उच्चीकृत कर इंटर कालेज का दर्जा दिया गया। वर्तमान में यहां 263 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय में विज्ञान वर्ग की भी कक्षाएं संचालित होती हैं।

यह भी पढ़ें: तेज हवा से टूटी हाईटेंशन लाइन, अंधेरे में डूबा रहा चम्पावत

मगर यहां बिजली नहीं होने से छात्र प्रयोगात्मक कार्य से महरूम रहते हैं। बिजली नहीं होने से यहां कंप्यूटर शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। यह विद्यालय उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल व इंटर परीक्षा का केंद्र भी है। विद्यालय में अधिकांश कक्ष ऐसे है, जिसमें परीक्षार्थियों को पढ़ने व लिखने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

यह भी पढ़ें: सड़क पर गिरा पेड़, बिजली आपूर्ति ठप, यातायात प्रभावित

परीक्षा के दौरान मौसम खराब होने की स्थिति में तो अधिकांश कक्षों में अंधेरा छा जाता है। ऐसे हालातों में परीक्षार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पेयजल की भी यहां समस्या है। इसके अभाव में आठ शौचालय जस के तस पड़े हुए हैं। विद्यालय में चहारदीवारी की भी समस्या है। विद्यालय आबादी से काफी दूर होने के कारण यहां आवारा पशुओं का विचरण रहता है। वहीं भयावह जंगली जानवरों का भी भय बना रहता है।

यह भी पढ़ें: तहसील दिवस में उठे बिजली, पानी और सड़क के मुद्दे

प्रधानाचार्य संजय लोहनी का कहना है कि बिजली व पेयजल की समस्या से विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बोर्ड परीक्षा के दौरान मौसम खराब होने की स्थिति में कम प्रकाश वाले कक्षों में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए उन्हें मोमबत्ती उपलब्ध कराई जाती है।

यह भी पढ़ें: रातभर अंधेरे में रहेगा चंपावत जिला मुख्यालय