Holi 2025: 'खेले मसाने में होली...' दिगम्बर से गूंजीं सड़कें, आकाश में उड़ा भस्म; भूत-प्रेतों ने कराया माता पार्वती का गौना
काशी की सड़कों पर अनोखी शोभायात्रा निकली जिसमें भूत-प्रेत-पिशाच गन्धर्व किन्नर नाग सभी एक साथ माता पार्वती का गौना करवाने निकले। बाबा कीनाराम स्थल रवीन्द्रपुरी से हरिश्चंद्रघाट तक निकली इस शोभायात्रा में हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे थे। उत्सव प्रेमी काशी की मस्ती का साक्षात रूप इस कदर असर दिखा रहा था लगभग दो किमी की दूरी तक पहुंचने में तीन घण्टे लग गए।

जागरण संवादददाता, वाराणासी। यह अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं होगा कि काशी की सड़कों पर अड़भंगी बाबा शिव के गणों भूत-प्रेत-पिशाच, गन्धर्व, किन्नर ,नाग सभी एक साथ माता पार्वती का गौना करवाने गौना की शिव बारात में निकल पड़े हों और लग रहा हो कि साक्षात शिव भी मस्तमौले रूप में सबसे आगे माता को लिवाने के लिए जा रहे हों।
ऐसा आभास उस समय प्रतीत हुआ जब हरिश्चंद्रघाट पर खेली जाने वाली मसाने की होली के पूर्व परम्परगत रूप में बाबा कीनाराम स्थल रवीन्द्रपुरी से हरिश्चंद्रघाट तक शोभायात्रा निकाली गई। काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति की ओर से यह शोभायात्रा निकाली गई जो पूर्वाह्न 11 बजे निकली।
मसान बाबा का कपाली बाबा द्वारा चिता भस्म पूजन करने के बाद शुरू होती है हरिश्चंद्रघाट की मसाने की होली। जागरण
उत्सव प्रेमी काशी की मस्ती का साक्षात रूप इस कदर असर दिखा रहा था लगभग दो किमी की दूरी तक पहुंचने में तीन घण्टे लग गए। गाजेबाजे के साथ शुरू हुई शोभायात्रा में हर-हर महादेव व खेले मसाने में होली गीत और उसपर नृत्य के विविध रूप बखूबी दिखाई पड़े।
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मसाने की होली। जागरण (File Photo)
शोभायात्रा में शामिल प्रतिरूपों के करतब व नृत्य इतने लुभावने थे कि देशी- विदेशी भक्त सब उनके साथ शामिल होकर नृत्य भंगिमा में आ जा रहे थे। कोई नरमुंड का प्रतिरूप धारण किए था तो कोई तो जिंदा सांप मुंह मे दबाए नृत्य करके लुभा रहा था।
शोभायात्रा विजया चौराहा सोनारपुरा होते हरिश्चंद्रघाट तक जब पहुंची तो वहां पहले से खड़े शिव भक्तों ने स्वागत किया। शोभायात्रा का अवलोकन करने के लिए सड़क के दोनों किनारों पर अपार जनसमूह खड़ा था।
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मसाने की होली के पूर्व परम्परगत रूप से मनी। जागरण (फाइल फोटो)
रंगभरी एकादशी पर धूम धाम से निकली गौरा की पालकी यात्रा,ग्रामीणों की उमड़ी भारी भीड़
रंगभरी एकादशी (अमलका एकादशी) के अवसर पर ग्राम प्रधान मनीष जायसवाल के शहावाबाद निवास से सोमवार को माता गौरा की पालकी यात्रा निकाली गयी जो दरेखू, नाटापुर, सागरपुर होते हुए प्राचीन शिव धाम दरेखु में पहुंच कर वहा पर वैदिक ब्राम्हणों द्वारा "शिव पार्वती" का गौना संपन्न कराया गया।इस दौरान भक्त गण अबीर गुलाल,गुलाब की पंखुड़ी उड़ाते हुए हर हर महादेव कहते हुए शिव मंदिर परिसर में पहुंचे।
जगह जगह पर डमरू दल,शंख नाद दल का लोगो ने स्वागत किया।मालूम हो कि महाशिव रात्रि के दिन शिव जी की बारात निकाली जाती है जिसके बाद रंग भरी एकादशी के दिन माता गौरा की पालकी यात्रा निकाल कर भक्त गण शिव मंदिर में भगवान शिव मां पार्वती का गौना कराते है।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष दीपक जयसवाल,संजय मोदनवाल,अजय,नन्हे सिंह,शिवम मिश्रा,गोपाल गुप्ता,केतन जयसवाल, निखिल बाबू, सुशील गुप्ता दंगा मिश्रा,आशीष सहित सैकड़ों लोग पालकी यात्रा में शामिल हुए।
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