काशी में चप्पे चप्पे पर कड़ा पहरा, एंटी-ड्रोन सिस्टम एक्टिम मोड में, एटीवी और साइबर सुरक्षा टीम मुस्तैद, नदी में सुरक्षाबलों की तैनाती
वाराणसी में 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो के लिए व्यापक सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की तैयारी की गई है। ...और पढ़ें
HighLights
सुरक्षा बलों की भारी तैनाती, एंटी-ड्रोन सिस्टम भी मुस्तैद।
यातायात प्रबंधन हेतु चार अलग-अलग ट्रैफिक प्लान तैयार।
आपातकालीन चिकित्सा के लिए ग्रीन कॉरिडोर, अस्थायी अस्पताल स्थापित।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी में पहले एयर शो का आयोजन गुरुवार की सुबह शुरू हो गया, दूर दूर तक दर्शकों की कतार घाटों की ओर दिन शुरू होने के साथ ही बढ़नी शुरू हो गई थी जो दोपहर तक जारी रही। भारतीय सेना और वायु सेना के शौर्य, साहस और सामरिक क्षमता का प्रदर्शन करने वाले एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ को लेकर योगी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।
वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस आयोजन में 15 से 20 लाख लोगों के आने का अनुमान जताया गया है। अंतिम दिन 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई गणमान्य लोगों का आना प्रस्तावित है।
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आसमान में जहां वायु सेना के विमान अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, वहीं जमीन पर उत्तर प्रदेश पुलिस यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा की कमान संभालने के लिए तैयार है। सरकार ने दर्शकों को सुरक्षित तरीके से घाटों तक पहुंचाने, आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने और कार्यक्रम के बाद उन्हें सकुशल घर वापस जाने का पूरा प्लान बना लिया है।
पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट मोहित अग्रवाल ने बताया कि एयर शो की सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती बढ़ाने के साथ अस्थायी पुलिस थाने स्थापित किये गए हैं। पुलिस के अलावा पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बम निरोधक दस्ता और एटीएस समेत अन्य टीमें तैनात रहेंगी। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख मार्गों से आने वाले दर्शकों को निर्धारित रास्तों से आयोजन स्थल तक पहुंचाने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है
ट्रैफिक प्लान से संभालेंगे यातायात
संभावित भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए चार अलग-अलग ट्रैफिक प्लान तैयार किए गए हैं। यातायात व्यवस्था को आंतरिक और बाहरी, दो हिस्सों में बांटा गया है। दोनों व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग डायवर्जन, बैरियर और वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। परिस्थितियों के अनुसार यातायात योजना लागू की जाएगी। बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन पर डाइवर्जन प्लान के साथ पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी।
दर्शकों की सुविधा के लिए घाटों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन के अनुरूप पार्किंग स्थल और प्रवेश मार्ग निर्धारित किया गया है। शहर से आने वाले दर्शकों को गंगा के इस पार निर्धारित पार्किंग और दर्शक स्थलों की ओर भेजा जाएगा, जबकि बाहरी जनपदों से आने वालों के लिए रामनगर-पड़ाव क्षेत्र में पार्किंग और आवागमन की व्यवस्था की जाएगी। प्रमुख मार्गों, पार्किंग स्थलों और प्रवेश बिंदुओं पर तैनात पुलिसकर्मी दर्शकों को दिशा-निर्देश देंगे, ताकि जाम और अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके।
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आपातकालीन चिकित्सा के लिए ग्रीन कॉरिडोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि एयर शो के दौरान यातायात के दबाव के बीच मरीजों और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तीन ग्रीन कॉरिडोर होंगे। सर सुंदरलाल अस्पताल, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल और पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल समेत प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों को चिन्हित किया गया है। भीड़ की निकासी, वीवीआईपी आवागमन और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए है।
घाटों पर डबल बैरिकेडिंग, नदी में भी कड़ी निगरानी
गंगा घाटों पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग एकल मार्ग बनाए गए है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डबल बैरिकेडिंग,सभी घाटों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए है,जिससे संदिग्ध गतिविधियों एवं भीड़ बढ़ने पर त्वरित कार्यवाई की जा सके, वॉच टावर बनाये गए है, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के दृष्टिगत गंगा के घाटों, शहर के प्रमुख मार्गों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों को पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम से जोड़ा गया है।
घाटों के प्रवेश बिंदुओं पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच की व्यवस्था होगी। डुमरी से सत्ती घाट और आदि केशव से दशाश्वमेध घाट तक लगभग 5.5-5.5 किलोमीटर के हिस्से में डबल बैरिकेडिंग की गई है। पूरे शहर, नमो घाट से लेकर सामने घाट तक और घाटों को जोड़ने वाले प्रमुख संपर्क मार्गों व गलियों में साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं जिससे बाहरी जनपदों से आने वाले लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
गंगा में सुरक्षा के लिए एयर शो के दौरान सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक निजी नावों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। घाटों और नदी क्षेत्र में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी की बाढ़ राहत कंपनियों तथा जल पुलिस की तैनाती की गई है। स्थानीय गोताखोरों को भी बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है। घाटों पर दो वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। पार्किंग और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पेयजल, शौचालय और अन्य जन सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
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पुलिसकर्मी दर्शकों को ‘सर’ और ‘मैडम’ कहकर करेंगे संबोधित
पुलिस आयुक्त ने बताया कि एयर शो के दौरान दर्शकों के साथ शिष्ट और सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कर्मियों को सॉफ्ट स्किल की ट्रेनिंग दी गई है। प्रशिक्षित पुलिसकर्मी दर्शकों को बिना छुए विनम्रता से सहयोग करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए घाटों और नगर क्षेत्र में जोन, सेक्टर तथा सब-सेक्टर बनाए गए हैं।
ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबन्ध
एयर शो की संवेदनशीलता को देखते हुए अनधिकृत ड्रोन संचालन पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। गंगा घाटों से दोनों ओर पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रतिबंधित क्षेत्र में संदिग्ध उड़ान गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन ने आमजन और ड्रोन संचालकों से प्रतिबंधों का पालन करने तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
घाट का ब्लॉक वार विभाजन
- ब्लॉक-ए (राजघाट से अस्सी घाट) 3 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र, क्षमता 3 लाख व्यक्तियों की
- ब्लॉक-बी (तथागत घाट रामघाट,जयविनायक ) 3 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र, क्षमता 3 लाख व्यक्तियों की
- ब्लॉक सी - 1 (नमो घाट से सराय मोहना घाट के सामने वाले घाट ) बहादुरपुर से डोमरी घाट तक,3 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र ,क्षमता 3 लाख व्यक्तियों की
- ब्लॉक सी -2 (राजघाट से ललिता घाट के सामने वाले घाट ) डोमरी से कोदोपुर तक (11 लाख वर्ग मीटर, क्षमता 11 लाख व्यक्तियों की )
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प्रमुख व्यवस्थाएं
- अस्थायी पुलिस थाने-79
- 32 जोन, 50 सेक्टर और 80 सब-सेक्टर में विभाजित
- यातायात - चार ट्रैफिक प्लान, आंतरिक और बाहरी डायवर्जन
- चिकित्सा- 165 सरकारी और 140 निजी अस्पतालों में बेड रिज़र्व किया गया ,आठ अस्थायी अस्पताल तथा 100 एंबुलेंस, 57 मेडिकल टीम रहेगी ,12 बोट एम्बुलेंस
- ग्रीन कॉरिडोर-तीन प्रमुख कॉरिडोर- सभी अस्पतालों तक निर्बाध पहुंच की व्यवस्था
- जल सुरक्षा- एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, जल पुलिस, गोताखोर
- निगरानी- 25 वॉच टावर, सीसीटीवी, पीए सिस्टम और मेटल डिटेक्टर
- खोया-पाया-11 केंद्र (प्रत्येक जोन में 1)
- नाव संचालन-सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निजी नावों पर प्रतिबंध
- जनसुविधाएं: पार्किंग स्थलों पर पेयजल, शौचालय, 3000 सफाईकर्मी और इनकी निगरानी के लिए 140 लोग करेंगे -
11900 पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी तैनात
1 आधुनिक तकनीक और निगरानी व्यवस्था
- ऑल-टेरेन व्हीकल (एटीवी)-10 वाहन (रेत में भी चलने वाले वाहन)
- एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती
- साइबर सुरक्षा टीम
2- पुलिस बल की तैनाती
- पुलिस अधीक्षक -16
- अपर पुलिस अधीक्षक -16
- पुलिस उपाधीक्षक - 50
- निरीक्षक-160
- उपनिरीक्षक-1600
- हेड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल-5000
3- विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती
- पीएसी- 17 कंपनियां
- पीएसी बाढ़ राहत-3 कंपनियां
- एनडीआरएफ- 3 टीमें
- एसडीआरएफ- 2 टीम
- जल पुलिस-180 कर्मी
- अग्निशमन विभाग -23 टीम
- आरएएफ- 5 कंपनी
- एटीएस- 3 टीमें
- यातायात -1500 यातायात पुलिसकर्मी
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