विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नभस्पर्शी दीप्तिमान कलाबाजियों से शुरू हुआ काशी में भारतीय वायुसेना के वीरों का शौर्य प्रदर्शन, युद्ध में वीरता की याद आई गाथा

By Prakash PandeyEdited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 21 Oct 2026 03:36 PM (IST)

काशी के नमो घाट पर भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन का पूर्वाभ्यास हुआ, जिसमें तेजस, सुखोई-30 और राफेल जैसे विमानों ...और पढ़ें

HighLights

  1. नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का हवाई प्रदर्शन पूर्वाभ्यास।

  2. तेजस, सुखोई-30, राफेल ने दिखाए अद्भुत हवाई करतब।

  3. सूर्यकिरण टीम ने आसमान में तिरंगे के रंग बिखेरे।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। इतिहास को अपने भीतर समेटे काशी के आकाश में बुधवार को एक नया अध्याय लिखा गया। यह ऐसा पन्ना है, जिसे पूरा होने में अभी कुछ दिन और लगेंगे, लेकिन जिसकी छाप लंबे समय तक बनारस की स्मृतियों में बनी रहेगी। हालांकि‍ बुधवार को स‍िर्फ र‍िहर्सल का ही दौर चला है। 

22, 23 और 25 अक्टूबर को होने वाले भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन की तैयारियों के बीच नमो घाट पर हुई रिहर्सल ने इस ऐतिहासिक शहर को रोमांच से भर दिया। जब भी बनारस के इतिहास की चर्चा होगी, गंगा के ऊपर आसमान में शौर्य, साहस और देशभक्ति के रंग भरने वाले इस आयोजन के पन्ने पर नजर जरूर ठहरेगी।

यह भी पढ़ें : एयर शो रिहर्सल के चलते इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें विलंबित, विमान में बैठे रहे यात्री,नहीं मिली उड़ान की इजाजत

रिहर्सल का सबसे बड़ा आकर्षण स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस रहा। इसकी तेज उड़ान और कलाबाजियों को घाट पर मौजूद लोग एकटक निहारते रहे। वहीं, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल ने त्रिशूल फॉर्मेशन बनाया। इसमें विमान सीधे आते हुए त्रिशूल जैसी आकृति में फैलते हैं। दोनों विमानों की इस सधी हुई उड़ान ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

एक ओर गंगा की निर्मल धारा कलकल बह रही थी, तो दूसरी ओर सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम विमानों के पीछे केसरिया, सफेद और हरे रंग का धुआं छोड़कर आसमान को तिरंगे की छटा से सजा रही थी। घाटों पर 'कंधों से मिलते हैं कंधे' और 'संदेशे आते हैं' जैसे देशभक्ति गीत गूंजते रहे। गंगा, गीतों और विमानों की कलाबाजियों का यह संगम रिहर्सल का खास आकर्षण बना।

यह भी पढ़ें : एयरशो र‍िहर्सल के दौरान नमो घाट के सामने गंगा की लहरों के ऊपर मंडराया दो रोटर वाला च‍िनूक हेलीकाप्‍टर, थम गई लोगों की सांसें

मिराज और जगुआर ने दिलाई सैन्य इतिहास की याद
मिराज-2000 और जगुआर की उड़ान ने भारतीय वायुसेना के ऐतिहासिक अभियानों की याद ताजा की। मिराज-2000 ने 1999 के कारगिल युद्ध में ऑपरेशन सफेद सागर और 2019 के बालाकोट हवाई हमले में भूमिका निभाई थी। जगुआर ने भी कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर में हिस्सा लिया था।

विंटेज हार्वर्ड और चिनूक भी बने आकर्षण
ऐतिहासिक हार्वर्ड विमान ने हवाई करतब दिखाकर पुराने दौर के विमानन की याद दिलाई। वहीं, भारी सामान और सैनिकों के परिवहन में सक्षम चिनूक हेलीकॉप्टर ने गंगा के ऊपर उड़ान भरी। इसके आगे और पीछे लगे दो बड़े रोटर इसकी खास पहचान हैं।

यह भी पढ़ें : वाराणसी में एयर शो की गंगा के घाटों पर रिहर्सल देखने पहुंची भीड़, सड़कों से लेकर घाट तक ट्रैफ‍िक जाम की नौबत

छह विमानों के एरोहेड फॉर्मेशन ने दिखाया तालमेल
रिहर्सल में छह लड़ाकू विमानों के एरोहेड फॉर्मेशन ने भी ध्यान खींचा। इसमें विमान तीर के अगले हिस्से जैसी आकृति बनाते हैं। प्रस्तावित प्रदर्शन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 को इस फॉर्मेशन में शामिल किया गया है।
नमो घाट पर हुई रिहर्सल ने काशी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने की झलक दिखाई। मुख्य हवाई प्रदर्शन में गंगा के ऊपर विमानों की कलाबाजियां, रंगों की छटा और अलग-अलग फॉर्मेशन इस पन्ने को और यादगार बनाएंगे।

ऑपरेशन बंदर
26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में हवाई हमला किया था, जिसे ऑपरेशन बंदर के नाम से जाना जाता है। इस अभियान में मिराज-2000 विमानों ने भूमिका निभाई थी।

ऑपरेशन सफेद सागर
1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर चलाया था। इसमें मिराज-2000 और जगुआर सहित कई विमानों ने हिस्सा लिया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई अभियान चलाना इस ऑपरेशन की बड़ी चुनौती थी।

यह भी पढ़ें : गंगा की लहरों पर मौजूद जलयान से देखें एयर शो का र‍िहर्सल, काशी के आसमान में शानदार प्रदर्शन ने जमाया रंग