वाराणसी, इंटरनेट डेस्‍क। वाराणसी के हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुबह 11 बजे नमो एप के माध्यम से संवाद शुरू किया। पीएम ने कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान बदलती काशी और नव्‍य भव्‍य स्‍वरुप को लेकर मंथन करने के साथ ही काशी की महिमा का भी बखान किया। कार्यकर्ताओं से जहां उन्‍होंने अपनी टीम के साथ काशी में और स्वच्छता बढ़ाने पर जोर दिया तो वहीं जिम्मेदारी भी सौंपी कि काशी आने वाले पर्यटकों को कबीरचौरा और संत रविदास मंदिर के दर्शन भी कराएं। इन स्थलों के विकास के लिए भी सरकार ने बहुत काम किए हैं।

नारी शक्ति से संवाद : इसके बाद पीएम ने चुनावी तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क पर सवाल किया। महामना मंडल की बूथ अध्‍यक्ष सीमा से पूछा कि 'इधर कोरोना संक्रमण बढ़ गया है। ऐसे में जनसंपर्क कैसे हो पा रहा है। सीमा ने कहा कि सर, दो गज दूरी, मास्क जरूरी मंत्र का पालन करते हुए हम सबसे मिलजुल रहे हैं।' इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीमा से भोजपुरी में कहा कि आप जइसन बहिनन क ताकत ही हमार ताकत ह। देश के ताकत ह। मातृशक्ति ने इस देश के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सीमा ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए महिलाओं के जीवन स्तर में आए बदलावों की चर्चा करते हुए पीएम से कहा- "पहिले तो महिलाओं को लोग यूं ही मालकिन कहकर संबोधित करते थे, लेकिन आपने पीएम आवास योजना के तहत घर की चाभी थमाकर उन्हें सच में मालकिन बना दिया।"

विकास कार्योंं की परख : शिवपुर चिरईगांव के बूथ अध्यक्ष मिथुन से बातचीत में पीएम ने पूछा कि बनारस में आ रहे बदलाव को लेकर आप क्या सुनते हैं। जवाब मिला- सड़कें अच्छी हुई हैं। बिजली के लटकते तारों से छुटकारा मिला है। हाल में कबड्डी आदि खेलकूद के कार्यक्रम हुए उनमें जो व्यवस्था थी, उससे सब खुश थे। पीएम ने कहा, बनारस में खेलकूद की व्यवस्था पहले से काफी अच्छी थी। हालांकि, पहलवानी का ज्यादा जोर रहता था। लेकिन अब नए-ऩए खेल आ रहे हैं। सांसद खेल कूद प्रतियोगिता के माध्यम से गांव-गांव से प्रतिभाएं खोज पाएंगे।

चुनाव की तैयारी के लिए संवाद : पीएम ने कहा कि काशी के ज्यादा से ज्यादा लोगों से बातचीत का मौका मिलता तो अच्छा रहता। लेकिन समय की सीमा रहती है। आप सभी के मैसेज मैं पढ़ता हूंं तो बहुत अच्छा लगता है। उन्‍होंने कहा कि माइक्रो डोनेशन-सूक्ष्म दान अभियान चल रहा है। आप पांच रुपया भी पार्टी को दान दे सकते हैं। क्या हम बूथों के बीच स्पर्धा करा सकते हैं कि कौन सा पोलिंग बूथ कितना दान इकट्ठा करा सकता है। हमें पैसा नहीं जुटाना, पांच रुपया-दस रुपया काफी है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ना है। पीएम ने कहा कि चुनाव अपने आप में एक ट्रेनिंग कैंप होता है। अधिकतम लोगों को कार्यकर्ता के रूप में हम तैयार कर सकते हैं। संगठन का विस्तार व कार्यकर्ता का विकास होना चाहिए। हमें लोगों को एक-एक वोट की कीमत समझानी है। 

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Edited By: Abhishek Sharma