Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इस बार से एक और नवाचार: मथुरा से लड्डू गोपाल, होली पर भेजेंगे बाबा काे रंग, अबीर, गुलाल

    Updated: Fri, 07 Mar 2025 12:38 PM (IST)

    इस बार रंगभरी एकादशी और होली पर काशी और मथुरा के बीच एक अनोखा रिश्ता देखने को मिलेगा। मथुरा के लड्डू गोपाल बाबा विश्वनाथ के लिए रंग अबीर और गुलाल भेजेंगे जबकि बाबा विश्वनाथ भी कान्हा को भस्म अबीर-गुलाल वस्त्र और चॉकलेट भेंट करेंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान मथुरा के बीच हुए पत्राचार में इस नवाचार की शुरुआत करने का फैसला लिया गया है।

    Hero Image
    इस बार बाबा विश्वनाथ के लिए रंग, अबीर, गुलाल खास होने वाला है। जागरण

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। रंगभरी एकादशी व हाेली पर्व इस बार दो मोक्ष नगरियों काशी व मथुरा के संबंधों को नया आयाम देंगे। मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर विराजे लड्डू गोपाल इस बार बाबा विश्वनाथ के लिए भेजेंगे रंग, अबीर, गुलाल तो बाबा भी देंगे कान्हा को हाेली की भेंट, यहां से जाएगा भस्म, अबीर-गुलाल, वस्त्र व चाकलेट।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    दोनों तीर्थों के अधिकारियों के बीच इसके लिए हुए पत्राचार में इस बार यह नवाचार आरंभ करना तय किया गया है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि श्रीकाशी विश्वनाथ महादेव की प्रेरणा से उत्पन्न हुए इस नवाचार के क्रियान्वयन हेतु श्रीकृष्ण जन्मस्थान मथुरा के सचिव कपिल शर्मा और गोपेश्वर चतुर्वेदी से बातचीत हो चुकी है। जन्मस्थान के अधिकारियों ने भी इस विचार का सहर्ष स्वागत एवं समर्थन किया है।

    उन्होंने बताया कि गुरुवार को दोनों मंदिरों के प्रबंधन द्वारा ईमेल के माध्यम से परस्पर अनुरोध एवं प्रस्ताव प्रेषित किए गए। दोनों पवित्र धामों के बीच यह धार्मिक आदान-प्रदान किया जाएगा। श्रीकृष्ण और शिव भक्ति की दो प्रमुख सनातन धारा को जोड़ने वाला यह आयोजन सनातन धर्म की परंपराओं को और समृद्ध करेगा।

    कान्हा की नगरी से बाबा के लिए आएगा रंग गुलाल। जागरण


    इसे भी पढ़ें- Holi 2025: आसमान से बरसेगी होली, बंदूक से निकलेगी रंग-गुलाल की गोली

    भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी को सुनाई थी रंगभरी एकादशी की कथा

    पौराणिक मान्यता के अनुसार रंगभरी एकादशी की कथा भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी को सुनाई थी। तभी से यह पर्व मनाया जाता है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में भी रंगभरी एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, जो न केवल स्थानीय महत्व रखता है, बल्कि इसका वैश्विक महत्व भी है।

    इसे भी पढ़ें- बाबा विश्वनाथ धाम के दर्शन को इस दिन महिलाओं के लिए हुई खास व्यवस्था, आसानी से कर सकेंगी पूजन

    मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि इस उपहार आदान-प्रदान के साथ, दोनों धामों के भक्तों को विशेष रूप से भगवान लड्डू गोपाल के रूप में बाल स्वरूप के भगवान और बाबा विश्वनाथ से आशीर्वाद प्राप्त होगा। इस अवसर पर दोनों पवित्र स्थलों से उपहार भेजते समय तथा परस्पर प्राप्त उपहार स्वीकार करते समय समारोहपूर्वक उत्सव भी किया जाएगा।

    मथुरा-वृंदावन में 40 दिवसीय रंगोत्सव की दिव्य-भव्य तैयारियां

    मथुरा-वृंदावन में वसंत पंचमी से लेकर 40 दिनों तक चलने वाले रंगोत्सव की दिव्य-भव्य तैयारियां की गई हैं। पर्यटन विभाग ने देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए श्रेष्ठ सुविधाओं का इंतजाम किया है।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बरसाना की लट्ठमार होली और बलदेव जी के हुरंगा के अलावा धधकती आग से पंडा को निकलने का दृश्य इस पर्व को और रोमांचकारी बनाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटकों को किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए वह निरीक्षण कर व्यवस्था की समीक्षा करें।