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    Varanasi: शीतला मंदिर तक पहुंचीं गंगा, घाटों का टूटा संपर्क; विश्वनाथ मंदिर में नहीं जा पाएंगे श्रद्धालु

    By Jagran NewsEdited By: Swati Singh
    Updated: Fri, 21 Jul 2023 10:52 AM (IST)

    Varanasi गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और घाटों का संपर्क भी कट गया है। दो श्मशानों पर शवदाह का स्थान भी बदल गया है। आरती स्थलों में भी परिवर्तन किया जा ...और पढ़ें

    शीतला मंदिर तक पहुंचीं गंगा, घाटों का टूटा संपर्क; विश्वनाथ मंदिर में नहीं जा पाएंगे श्रद्धालु

    वाराणसी, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और घट रहा है। वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को बाढ़ के पानी ने शीतला मंदिर को स्पर्श कर लिया। आधे से अधिक घाटों का संपर्क अन्य घाटों से टूट गया है। दो श्मशानों पर शवदाह का स्थान भी बदल गया है। आरती स्थलों में भी परिवर्तन किया जा रहा है।

    बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ के साथ अन्य विभागों ने मॉक ड्रिल किया। गंगा का जलस्तर गुरुवार की रात आठ बजे 63.84 मीटर पर पहुंच चुका है और इसके बढ़ने की गति तीन सेमी प्रति घंटा है। जबकि बलिया में जलस्तर 51.69 मीटर है।

    श्रद्धालुओं को विश्वनाथ मंदिर में नहीं दिया जाएगा

    त्रिपुर भैरवी घाट की सीढ़ियां पानी में डूबने से घाट के रास्ते गंगा द्वार से बाबा विश्वनाथ के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालु बाढ़ के पानी से होकर गुजर रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से सोमवार को घाट से श्रद्धालुओं को विश्वनाथ मंदिर नहीं जाने दिया जाएगा।

    मणिकर्णिका घाट और अन्य घाट पानी में डूबे

    मणिकर्णिका घाट से संकल्प लेकर पंचक्रोशी यात्रा के लिए घाट के रास्ते असि जाने वाले श्रद्धालुओं को बांस फाटक, गोदौलिया, सोनारपुरा होते हुए असि की ओर जाने दिया जा रहा है। गंगा पार नावों के जाने पर रोक लगा दी गई है। दशाश्वमेध घाट पर जिन चबूतरों पर गंगा आरती होती है वह पानी में डूब गए हैं। इसके चलते आरती स्थल बदल दिया गया है।

    शीतला घाट व असि घाट पर आरती घाट की सीढ़ियों पर हो रही है। मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह घाट के ऊपर हो रहा है। बाढ़ के दौरान होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए एनडीआरएफ तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ पुलिस, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पूर्ति विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि विभाग ने नमोघाट पर गंगा नदी में संयुक्त मॉक ड्रिल किया।

    लोगों की बढ़ी धुकधुकी, बिजली की समस्या

    गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशान चौकी घाट क्षेत्र में रहने वाले वह 450 परिवार हैं। हर साल बाढ़ आने के बाद यहां लगे 400 व 250 केवीए के ट्रांसफार्मरों से बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इससे बिजली के साथ ही पानी संकट भी उत्पन्न हो जाता है। बीएचयू के परीक्षा विभाग में अनुभाग अधिकारी संदीप कुमार बोस ने अधिशासी अभियंता से इस मामले को अवगत कराते हुए इस बार इसका फाइनल समाधान ढूंढने की अपील की है।

    उधर, लोगों की शिकायतों व सुझावों के आधार पर बिजली विभाग ने हरिश्चंद्र घाट के आसपास ट्रांसफार्मरों को लगाने के लिए उपयुक्त जगह की तलाश शुरू कर दी है। अधीक्षण अभियंता अनूप सक्सेना के निर्देश पर भेलूपुर खंड के अभियंताओं ने इलाके का सर्वे किया है।