वाराणसी के निर्यातक को ECGC से मिली राहत, विदेशी खरीदार के डिफाल्ट पर हुआ नुकसान कवर
वाराणसी के निर्यातक जेजे प्लास्टेलाय प्राइवेट लिमिटेड को अल्जीरिया के एक खरीदार से भुगतान नहीं मिला। एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन आफ इंडिया (ईसीजीसी) ने कंपनी की पालिसी के तहत 7.64 लाख रुपये की बीमा दावा राशि सौंपी। ईसीजीसी भारत सरकार की निर्यात क्रेडिट एजेंसी है जो निर्यातकों को क्रेडिट बीमा सेवाएं प्रदान करती है।

मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, वाराणसी। निर्यात में विदेशी खरीदार के कारण हुए नुकसान की भरपाई भारत सरकार की प्रमुख निर्यात क्रेडिट एजेंसी एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन आफ इंडिया (ईसीजीसी) लिमिटेड की ओर से की गई है।
ईसीजीसी वाराणसी शाखा के शाखा प्रबंधक मुरलीधर महतो ने बतया कि वाराणसी स्थित निर्यातक जेजे प्लास्टेलाय प्राइवेट लिमिटेड ने अल्जीरिया के एक खरीदार (बायर) को उधार में मास्टर बैच बैग का शिपमेंट निर्यात किया था। इसका भुगतान खरीदार ने नहीं किया।
इस कंपनी ने उपर्युक्त जोखिम से रक्षा के लिए उद्यम ईसीजीसी लिमिटेड की पालिसी ली हुई थी। कंपनी ने इसी माह 18 अगस्त को इस नुकसान का दावा किया था। ईसीजीसी लिमिटेड ने इस परिस्थिति में निर्यात में हुए घाटे की भरपाई के रूप में गुरुवार को 7.64 लाख की बीमा दावा राशि कंपनी को सौंप दी।
प्रबंधक महतो ने बताया कि ईसीजीसी लिमिटेड, भारत सरकार की एक प्रमुख निर्यात क्रेडिट एजेंसी है, जिसकी स्थपना 1957 में भारत से निर्यात को बढ़ावा देने की गई थी। साथ ही समर्थन करने के लिए एवं निर्यातकों और बैंकों को निर्यात ऋण बीमा सेवाएं प्रदान करने के लिए स्थापित की गई थी। ईसीजीसी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत कार्य करती है।
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ईसीजीसी को एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड कहा जाता है। इसे भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम भी कहा जाता है। यह भारत सरकार के अधीन एक संगठन है जो निर्यातकों और बैंकों को निर्यात से संबंधित क्रेडिट जोखिमों से बचाने के लिए बीमा प्रदान करता है, जिससे देश के निर्यात को बढ़ावा मिलता है।
मुख्य उद्देश्य और कार्य
निर्यात संवर्धन: भारतीय निर्यातकों को सहायता और सुरक्षा प्रदान करके देश के निर्यात को बढ़ावा देना।
ऋण जोखिम बीमा: विदेशी खरीदारों द्वारा भुगतान न करने या किसी अन्य वाणिज्यिक या राजनीतिक कारण से निर्यात आय की प्राप्ति न होने के जोखिम के खिलाफ बीमा कवर प्रदान करना।
बैंकों को सहायता: बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्यातकों को ऋण सुविधाएं प्रदान करने के लिए बीमा कवर देना, जिससे बैंकों का जोखिम कम होता है और वे निर्यातक को अधिक सुविधाएं दे पाते हैं।
एमएसएमई के लिए फैक्टरिंग: लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए कार्यशील पूंजी वित्तपोषण, ऋण जोखिम संरक्षण, बहीखाता रखरखाव और निर्यात प्राप्ति संग्रह जैसी सेवाओं वाला निर्यात फैक्टरिंग सुविधा प्रदान करना।
राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं का प्रबंधन: यह राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाता (एनईआइए) ट्रस्ट का प्रबंधन भी करती है, जो सामरिक और राष्ट्रीय महत्व की निर्यात परियोजनाओं का संचालन करता है।
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ईसीजीसी के बारे में यह भी जानें :
- 1957 में एक निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में स्थापित, जिसका नाम एक्सपोर्ट रिस्क इंश्योरेंस कार्पोरेशन (ईआरआइसी) था।
- 1964 में इसका नाम बदलकर एक्सपोर्ट क्रेडिट एंड गारंटी कार्पोरेशन लिमिटेड कर दिया गया।
- 1983 में वर्तमान नाम, एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड कर दिया गया।
- अगस्त 2014 में इसका नाम बदलकर संक्षिप्त रूप 'ईसीजीसी लिमिटेड' कर दिया गया।
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