गाजीपुर के दुल्लहपुर में चाचा-भतीजी का गला बांका से काटा, भतीजी की मौत, चाचा वाराणसी रेफर
गाजीपुर के दुल्लहपुर में एक कमरे में चाचा-भतीजी संदिग्ध परिस्थितियों में लहूलुहान पाए गए जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। दोनों के सिर कटे हुए थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने उन्हें अस्पताल भेजा और जांच शुरू कर दी। दुर्विजय चौहान की बेटी मधु और उनके भाई की पत्नी ने उन्हें इस हालत में पाया।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। दुल्लहपुर के देवरीबारी नवपुरा गांव में शुक्रवार की दोपहर एक कमरे में चाचा-भतीजी संदिग्ध परिस्थितियों में लहूलुहान पाए गए। दोनों के सिर कटे हुए थे, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालांकि जहां भतीजी की मौके पर ही मौत हो गई वहीं चाचा की सांसें चलने की वजह से आनन फानन इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। ग्रामीणों के अनुसार, दुर्विजय चौहान अपनी पत्नी के आपरेशन के लिए मऊ गए थे। इस दौरान उनके मौसी का बेटा सुनील चौहान देवरीबारी नवपुरा में रहकर बीटीसी की पढ़ाई कर रहा था।
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वारदात के समय दुर्विजय की बेटी मधु और उनके छोटे भाई की पत्नी घर पर थीं, जो खेत गई थीं। जब वे वापस आईं, तो उन्होंने देखा कि सुनील और मधु कमरे में लहूलुहान पड़े हैं और दोनों का सिर कटा हुआ है। इस दृश्य को देखकर उन्होंने शोर मचाया, जिससे आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए। इसी बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दोनों को तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना आपसी विवाद या किसी अन्य कारण से हो सकती है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने गांव में भय का माहौल बना दिया है और लोग इस प्रकार की हिंसा को लेकर चिंतित हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं पहले कभी नहीं हुई थीं। गांव में शांति और सद्भावना का माहौल था, लेकिन अब इस घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे मामले की तह तक जाएंगे और दोषियों को सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
इस घटना ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे गांव को प्रभावित किया है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या उनके बीच में भी ऐसी कोई घटना हो सकती है। पुलिस ने गांव में गश्त बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। इस प्रकार की घटनाएं समाज में असुरक्षा की भावना को बढ़ाती हैं। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़े ताकि लोगों का विश्वास फिर से बहाल हो सके।
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