वाराणसी के नशा मुक्ति केंद्र में BHU के छात्र की मौत, हत्या का मुकदमा
वाराणसी के जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में बीएचयू छात्र आदित्य गोस्वामी की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों ने केंद्र संचालकों पर मारपीट कर हत्या का आरोप लगा ...और पढ़ें

स्वजन ने लगाया पीटकर हत्या करने का आरोप। जागरण
जागरण संवाददाता, वाराणसी। नशे की लत छुड़ाने के लिए जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती बीएचयू के छात्र की मौत हो गई। बदन पर जगह-जगह चोट देखकर स्वजन ने केंद्र संचालकों व कर्मचारियों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है।
शिवपुर के अशोक पूरम कालोनी मीरापुर बसही की रहने वाली जीजीआइसी सैयदराजा की प्रधानाचार्य प्रतिभा गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा आदित्य गोस्वामी (27 वर्ष) बीएचयू से मानव विज्ञान में एमए कर रहा था। दो साल से उसे नशे की लत लग गई थी जिसकी वजह से वह उग्र हो जाता था। इसकी वजह से स्वजन परेशान थे।
उसकी नशे की लत को खत्म करने के लिए सारनाथ के बुद्धा सिटी कालोनी स्थित जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। बेटे की सुविधा के लिए 19 हजार प्रतिमाह का पैकेज लिया था। केंद्र के कर्मचारी बीते 27 दिसंबर को बेटे को साथ लेकर गए थे। इसके बाद स्वजन कई बार केंद्र गए लेकिन आदित्य से किसी को मिलने नहीं दिया गया।
कर्मचारी अलग-अलग बातें कहकर लौटा देते थे। वीडियो दिखाने के लिए कहा गया तो सोये हुए एक व्यक्ति की दूर से फुटेज दिखा दिया। प्रतिभा गोस्वामी के अनुसार शुक्रवार की सुबह सात बजे नशा मुक्ति केंद्र के संचालक युवराज सिंह ने फोन करके बताया कि आदित्य को दिल का दौरा पड़ा है उसे मवैया स्थित दीर्घायु हास्पिटल ले जा रहे हैं।
स्वजन वहां पहुंचे तो केंद्र के कर्मचारी आदित्य के शव को स्ट्रेचर से उतारकर कार में डाल रहे थे। यह देखकर स्वजन ने पूछा तो उन्हें बताया गया कि आदित्य की मौत हो गई। जबकि अस्पताल में मौजूद लोगों ने बताया कि आदित्य को मृत्यु के बाद ही वहां लाया गया था। उसके बदन पर ऊपर से लेकर नीचे तक चोट के ढेरों निशान थे। यह देखकर स्वजन ने पुलिस को बुला लिया।
आशंका व्यक्त किया कि नशा मुक्ति केंद्र में आदित्य की बुरी तरह से पिटाई की गई है जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों का कहना है कि आदित्य की मौत चोट की वजह से हुई है, उसके बदन पर ढेरों निशान हैं।
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आदित्य के पिता राकेश भारती सोल्जर बोर्ड गोरखपुर में कार्यालय अधीक्षक है। वह दो भाइयों में बड़ा था और ताइक्वांडो का खिलाड़ी भी था। छोटा भाई अमिताभ भारती दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता है। सारनाथ थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी का कहना है कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र की वैद्यता की जांच भी कराई जा रही है।
आया था नशा छोड़ने बन गया केयर टेकर
सारनाथ बुद्धा सिटी कालोनी में संचालित हो रहा जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में नशा से छुड़कार पाने के लिए 45 लोग भर्ती हैं। आठ महीने पहले चौकाघाट का आर्दश सिंह भी यहां भर्ती हुआ था। अब वह केंद्र का केयर टेकर बन गया है। इसी तरह जौनपुर के बरही, नेवढ़िया का सतीश सिंह भी नशा छुड़ाने आये था अब कुक बन गया है।
केंद्र की काउंसलर पूजा मोर्य का कहना है कि आदित्य ने 29 दिसंबर को भागने की कोशिश की थी। कर्मचारियों को कमरे में बंद करके छत से कूद गया था जिससे उसको चोट लगी थी। शुक्रवार की सुबह नहाने के बाद सो गया था। जब कर्मचारी त्रिभुवन नाश्ते के लिए पूछने गए तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं की। इसके बाद उसे हॉस्पिटल ले जाया गया जहां चिकित्सकों मृत घोषित कर दिया।

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