बिल का गुणा-भाग या विभाग की धांधली? बंद फैक्ट्रियों में भी कैसे चढ़ रहे हैं 'पीक आवर' के घंटे?
शाहजहांपुर के उद्यमी बिजली विभाग के नए टैरिफ से परेशान हैं। जून 2025 से लागू एचवी-2 टैरिफ में पीक आवर में अधिक दरें हैं, लेकिन बिलों में पीक आवर के घं ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
अंबुज मिश्र, जागरण, शाहजहांपुर। औद्योगिक क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए सरकार इंवेस्टर्स समिट से लेकर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी जीबीसी जैसे आयोजन करा रही है। विदेशी निवेश को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन स्थानीय उद्यमियों की जेब पर बिजली विभाग का नया टैरिफ भारी पड़ रहा है। बिल की गुणा-भाग में ऐसा उलझे हैं कि परेशान हो गए हैं।
समस्या किसी एक जनपद की नहीं बल्कि प्रदेश के सभी बड़े उद्यमियों के सामने है, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा। बिजली विभाग की ओर से एचवी टू या इससे अधिक भार क्षमता के बिजली कनेक्शन वाले उद्योगों के लिए टैरिफ प्लान बनाया गया था। जिसे जून 2025 में प्रभावी कर दिया गया।
24 घंटों को चार स्लैब में बांटकर बनाए गए टैरिफ में पीक आवर में बिजली उपभोग पर 15 प्रतिशत अधिक दर लगाई जाती है। जबकि नान पीक आवर के लिए शून्य से लेकर सामान्य दर तय की गई हैं, लेकिन इसके बाद कनेक्शधारक उद्यमियों के पास जो बिल पहुंच रहे हैं, उनमें पीक आवर शेड्यूल के घंटों की संख्या अधिक है। इनमें से अधिकांश के उद्योगों का संचालन उस अवधि में हुआ ही नहीं है।
कइयों के बिल में नान पीक आवर की संख्या कम है। ऐसे में बिल पहले से कई गुणा अधिक आने लगा है, जिस कारण यह टैरिफ व्यवस्था राहत कम मुसीबत अधिक बन गई है। मासिक बिल तेजी से बढ़ गया है। यह समस्या प्रदेश के अन्य जनपदों में भी सामने आई है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आइआइए ने शासन स्तर तक इस मुद्दे को उठाया।
लेकिन जो रास्ता सुझाया गया, उसके आधार पर भी समाधान नहीं निकला। बिलों में इस गड़बड़ी के बाद भी उद्यमी भुगतान तो कर रहे हैं। क्योंकि ऐसा न करने पर अतिरिक्त ब्याज लगने के साथ ही कनेक्शन कटने की भी आशंका है। अधिकारी जमा की गई धनराशि का समाधान के बाद समायोजन का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन यह कब होगा बताने वाला कोई नहीं है।
यह है व्यवस्था
टैरिफ-1 व 2 में सुबह पांच से शाम पांच बजे तक शून्य प्रतिशत, टी-3 में शाम पांच से रात 11 बजे तक 15 प्रतिशत से अधिक व टी 4 में रात 11 से सुबह तीन बजे तक माइनस 15 प्रतिशत चार्ज लगता है।
जिन उद्यमियों के बिल ज्यादा आ रहे हैं। उनकी समस्या को लेकर हमारे संगठन ने बिजली विभाग के एमडी से भेंट की थी। वहां से कहा गया कि 1912 हेल्पलाइन नंबर पर काल करने से समाधान होगा। जब काल की गई तो वहां से निस्तारण दर्शा दिया गया, लेकिन स्थिति जस की तस है। उद्योग बंधु की बैठक में भी यह अहम मुद्दा उठाया था। अब अधीक्षण अभियंता के साथ बैठक होगी। -विनम्र अग्रवाल, चेप्टर चेयरमैन आइआइए
बिजली विभाग से जो बिल बन रहे हैं उनमें पीक आवर के घंटे ज्यादा जोड़े जा रहे हैं। जबकि कई उद्योगों का उस अवधि में संचालन ही नहीं हो रहा। यह समस्या सिर्फ अपने जनपद में नहीं है। बरेली मंडल के तीन अन्य जिलों से भी इस तरह के प्रकरण सामने आए हैं। हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व इस पर गंभीर है। विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। उम्मीद है कि निस्तारण होगा। -गुरजीत सिंह मोंगा, मंडलीय चेयरमैन आइआइए
बिजली के बिल में गड़बड़ी का मुद्दा उद्योग बंधु की बैठक में हमारे नोडल अधिकारी के सामने उठा था। चार से पांच प्रकरण का निस्तारण करा दिया है। अगर और प्रकरण सामने आते हैं तो जांच करा ली जाएगी। -अनुज प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता, बरेली

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