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    गुरुजी को 'मूल' विद्यालय से परहेज: समायोजन रद्द, फिर भी कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं शिक्षक

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 06:26 AM (IST)

    शाहजहांपुर में समायोजन रद्द होने के बावजूद कई शिक्षक अपने मूल विद्यालयों में नहीं लौटे हैं। मिलीभगत के कारण वे समायोजित विद्यालयों में ही जमे हुए हैं, ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जिले में अध्यापक विहीन विद्यालयों की समस्या गंभीर होती जा रही है। कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों से शिक्षकों का समायोजन कर उन्हें पांच व छह शिक्षकों वाले विद्यालयों में भेजा गया था। बाद में विभागीय स्तर पर यह समायोजन रद्द कर शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजने के आदेश जारी किए गए, लेकिन कई शिक्षक आदेश के बावजूद अब तक अपने मूल विद्यालय नहीं लौटे हैं।

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    स्थिति यह है कि मिलीभगत के चलते कुछ शिक्षक अब भी उन्हीं विद्यालयों में जमे हुए हैं, जहां उनका समायोजन किया गया था। इससे उनके मूल विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र बिना शिक्षक के रह गए हैं और उनका भविष्य अधर में लटक गया है। कई विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में स्थिति और भी चिंताजनक है।

    ददरौल विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय दिव्यापुर इसका उदाहरण है। यहां नियुक्त अध्यापक समायोजन के तहत दूसरे विद्यालय चले गए थे। बाद में वापसी का आदेश जारी होने के बावजूद वह अब तक विद्यालय नहीं लौटे हैं।परिणामस्वरूप विद्यालय शिक्षामित्र के सहारे संचालित किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार वहां नियमित अध्यापक की तैनाती आवश्यक है।

    शिक्षकों की अनुपस्थिति से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इससे अभिभावकों में नाराजगी है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

    जिले में अध्यापक विहीन विद्यालय व एकल विद्यालय

    अध्यापक विहीन में कंपोजिट विद्यालयों की संख्या चार, उच्च प्राथमिक विद्यालय 40, प्राथमिक विद्यालय 86 हैं। एकल अध्यापक वाले कंपोजिट विद्यालय 14, एकल अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय 142 तथा एकल प्राथमिक विद्यालय 675 हैं।

     

    समायोजन रद्द होने के बाद भी मूल विद्यालयों में शिक्षकों के नहीं पहुंचने को लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों से जबाव मांगा जाएगा।बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

    - दिव्या गुप्ता, बीएसए


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