New Year पर मातम: बाथरूम में गैस गीजर ऑन कर नहा रहा था छात्र, बेहोश होकर तोड़ा दम
शाहजहांपुर में 17 वर्षीय छात्र उत्कर्ष त्रिवेदी की गैस गीजर से नहाते समय दम घुटने से मौत हो गई। परिजन जब घर लौटे तो उत्कर्ष बाथरूम में अचेत मिले। उन्ह ...और पढ़ें

छात्र उत्कर्ष त्रिवेदी
संवाद सहयोगी, जागरण, पुवायां (शाहजहांपुर)। गैस गीजर चलाकर नहाते समय इंटर के छात्र 17 वर्षीय उत्कर्ष त्रिवेदी की दम घुटने से मृत्यु हो गई। काफी देर तक बाहर न निकलने पर स्वजन ने आवाज दी। जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस पहुंची, लेकिन पिता ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
नगर की राधा विहार कालोनी निवासी जितेंद्र कुमार त्रिवेदी गुरुवार सुबह अपनी पत्नी अनुपम के साथ नववर्ष पर बंडा के सुनासिर नाथ मंदिर गए थे। घर पर उनके बेटे उदित व छोटा बेटा उत्कर्ष थे। दोपहर बाद उत्कर्ष बाथरूम में गैस गीजर आन करके नहाने लगे। कुछ देर बाद बेहोश हो गए।
कुछ देर बाद जितेंद्र पत्नी के साथ वापस आए तो उत्कर्ष को आवाज दी। कोई जवाब नहीं आया। लगभग पांच मिनट इंतजार करने के बाद दरवाजा खटखटाया तो काेई उत्तर नहीं मिला। जिस पर चिंता हुई। उन्होंने पत्नी व बेटे के साथ मिलकर दरवाजा तोड़ा तो उत्कर्ष फर्श पर अचेत पड़े थे। गीजर चल रहा था। बेटे को सीएचसी लेकर पहुंचे तो वहां चिकित्क ने मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद स्वजन शव को घर ले गए। पुलिस पहुंची तो जितेंद्र ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। उत्कर्ष कैम्ब्रिज कांवेंट स्कूल में इंटर के छात्र थे। प्रभारी निरीक्षक करन सिंह ने बताया कि जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो गीजर आन था। ऐसे में आशंका है कि छात्र की गैस गीजर से नहाते समय दम घुटने से मृत्यु हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही सही वजह सामने आ सकती थी।
गैस गीजर में कार्बन मोनोआक्साइड गैस निकलती है। यह गंधहीन व रंगहीन गैस है। बंद बाथरूम में यह गैस फैलने से सीधे व्यक्ति के फेफड़ों में जाती है, जिससे यह खून में आक्सीजन का प्रवाह कम कर देती। गंधहीन गैस होने की वजह से इसके बारे में पता भी नहीं चल पाता है। इसलिए गैस गीजर का प्रयोग करने से बचने की जरूरत है। यदि प्रयोग भी कर रहे हैं तो पानी पहले गर्म कर लिया जाए उसके बाद गीजर को बंद करने के बाद नहाना चाहिए।
- डा. विवेक मिश्रा, सीएमओ
यह भी पढ़ें- पड़ोसी पर भरोसा पड़ा भारी! भाइयों के आधार-PAN से बनाई फर्जी कंपनी और उड़ाए ₹1.59 करोड़

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।