विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: IAS रिंकू सिंह ने कान पकड़कर लगाई उठक-बैठक, अधिवक्ताओं से मांगी माफी; पढ़िए क्या था मामला

Published: Tue, 29 Jul 2025 01:17 PM (IST)

शाहजहांपुर में एसडीएम के रूप में तैनात आईएएस रिंकू सिंह की अधिवक्ताओं से नोकझोंक हो गई। अधिवक्ताओं को उठक बैठक ...और पढ़ें

आईएएस ने कान पकड़कर लगाई उठक-बैठक, मांगी माफी।
आईएएस ने कान पकड़कर लगाई उठक-बैठक, मांगी माफी।

HighLights

  1. आईएएस ने कान पकड़कर लगाई उठक-बैठक, मांगी माफी
  2. अनुशासन तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी से नाराज हुए थे अधिवक्ता

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। पुवायां तहसील में एसडीएम बनाकर भेजे गए आईएएस रिंकू सिंह की पहले ही दिन अधिवक्ताओं से नोकझोंक हो गई। उन्होंने अनुशासन तोड़ने या परिसर में गंदगी करने पर उठक-बैठक लगवाने के साथ ही कार्रवाई की चेतावनी दी, तो अधिवक्ता नाराज हो गए।

जिस पर रिंकू सिंह स्वयं कान पकड़कर उठक-बैठक लगाने लगे, बोले अगर किसी को कुछ गलत लगा तो उसके लिए माफी मांगता हूूं। 

अनुशासन तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी से नाराज हुए थे अधिवक्ता

ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र न बनने को लेकर 25 जुलाई को अधिवक्ताओं व तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी से विवाद हुआ था। उसके बाद से तहसीलदार व एसडीएम चित्रा निर्वाल के स्थानांतरण की मांग को लेकर अधिवक्ता धरने पर बैठे हैं।

डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को एसडीएम को जिला मुख्यालय बुलाते हुए दो दिन पूर्व यहां आए संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह को पुवायां का एसडीएम बना दिया।

चार्ज लेने के बाद वह अधिवक्ताओं से वार्ता करने पहुंचे

चार्ज लेने के बाद वह अधिवक्ताओं से वार्ता करने पहुंचे। अव्यवस्थाओं पर बात हुई तो कहा कि परिसर गंदगी करने या अनुशासन तोड़ने वाले अधिवक्ताओं पर कार्रवाई करेंगे।

जरूरत पड़ी तो उठक बैठक लगवा देंगे। जिस पर अधिवक्ता भड़क गए। माहौल बिगड़ता देख एसडीएम उठक-बैठक लगाने लगे। बाद में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र शुक्ला आदि ने उन्हें ऐसा करने से रोका। 

Read Also: बरेली नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने फावड़ा उठाकर की नाली की सफाई, लापरवाही पर कर्मचारी का रोका वेतन

Read Also: मुरादाबाद में प्रशासन की कार्रवाई से मची अफरातफरी: विधायक ने जिस आढ़ती के लिए पैरवी की थी, उसका अतिक्रमण भी ध्वस्त