Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    यूपी के इस जिले में Smart Meter के साथ नहीं मिल रहा आरमर्ड केबिल, उपभाेक्ताओं को हो रही परेशानी

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 03:44 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश के फरेंदा क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन ठेकेदार उपभोक्ताओं को आर्मर्ड केबल नहीं दे रहे हैं। इससे बिजली उपभोक्ता सरकारी ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    नए व पुराने किसी कनेक्शन के साथ नहीं मिल रहा आरमर्ड केबिल। जागरण

    जागरण सवाददाता, आनंदनगर। शहर से लेकर गांव तक स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है, लेकिन ठीकेदार द्वारा उसके साथ आरमर्ड केबिल नहीं दिया जा रहा है। फरेंदा विद्युत विभाग के कर्मचारियों और ठीकेदारों की मनमानी से सरकार की योजनाओं का लाभ बिजली उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है। वह अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।

    बिजली विभाग को कनेक्शन देने के साथ ही आरमर्ड केबल व मीटर लगाने का निर्देश है। ठीकेदार के द्वारा मीटर तो लगाया जा रहा है, लेकिन आरमर्ड केबिल नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं मीटर बदल कर स्मार्ट मीटर भी लगाया जा रहा है। ठीकेदार और विभाग की मिली भगत के कारण उपभोक्ताओं को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिम्मेदार लाखों रुपये का चूना विभाग और उपभोक्ताओं को लगाया जा रहे हैं।

    बिजली विभाग फरेंदा क्षेत्र में यह मामला सभी जगह देखा जा सकता है। अधिशासी अधिकारी विद्युत वितरण खंड आनंदनगर चंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि आरमर्ड केबल लगाने का नियम है। उपभोक्ताओं को केवल मिलना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो जांच कराकर जल्द ही केबिल की उपलब्धता कराई जाएगी।

    यह भी पढ़ें- कुशीनगर में भैंसहा पुल का मानचित्र जारी, 4.5 किमी लंबा पुल बदलेगा दियारा की तकदीर

    आनंदनगर बिजली विभाग के ठीकेदार की मनमानी से उपभोक्ता काफी परेशान हैं। विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। जिसके साथ केबल भी मिलना चाहिए। लेकिन ठीकेदार की मनमानी से उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। -संतोष पांडेय, आंबेडकर नगर

    गांव से लेकर शहर तक विभाग द्वारा पोल से लेकर मीटर व अन्य विभागीय काम ठीकेदार द्वारा कराया जा रहा है। जिसमें ठीकेदार की लापरवाही से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को जो लाभ मिलना चाहिए। ठीकेदार व विभाग की उदासीनता से वह भी उन्हें उपलब्ध नहीं हो पा रहा
    है। -सरवरे आलम, परसाबेनी