मौत पर 'खानापूर्ति' और बीमारी पर 'फुर्ती'! खाद्य विभाग के दोहरे रवैये का पर्दाफाश
संभल में खाद्य विभाग का दोहरा रवैया सामने आया है। असमोली में केक खाने से तीन लोगों के बीमार पड़ने पर विभाग ने तुरंत नमूने लिए और बेकरी बंद कराई। वहीं, ...और पढ़ें

दुकान पर जानकारी लेता अधिकारी
जागरण संवाददाता, मढ़न (संभल)। वाह रे, खाद्य विभाग। तेरा भी गजब खेल है? जहां कार्रवाई और जांच की ज्यादा जरूरत होती है। वहां पर मौत के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है और जहां सिर्फ तबीयत बिगड़ जाएं तो वहां टीम पहुंचकर नमूने भी भी लेती है। कुछ ऐसा ही संभल में खाद्य विभाग की अधिकारियों द्वारा खेल खेला जा रहा है।
दरअसल, असमोली थाना क्षेत्र के मढ़न गांव की एक बेकरी से खरीदे गए केक को खाने से परिवार के तीन सदस्यों की हालत बिगड़ गई थी। उल्टी-दस्त की शिकायत हाेने पर पीड़ित ने बेकरी संचालक के खिलाफ शिकायत की थी। मामले में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बेकरी पहुंचकर केक के नमूने लिए और दुकान बंद कराने के आदेश दिए हैं।
केक खरीदने वाले गांव देहरी जग्गू निवासी विवेक चौहान ने बताया कि 31 दिसंबर की रात वह केक खरीदकर घर ले गए थे। आरोप है कि केक खरीदते समय दुकानदार उनकी बात पर ध्यान नहीं दे रहा था और लगातार मोबाइल पर गेम खेलने में व्यस्त रहा। इसी दौरान दुकानदार ने काफी दिनों पुराना केक थमा दिया। घर पहुंचकर स्वजन ने केक खाया।
इससे विवेक की मां, भतीजा और भाभी की हालत अचानक बिगड़ गई। तीनों को उल्टी-दस्त की शिकायत हो गई। इसको लेकर पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मामले की सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दी। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षक रामजीत सिंह मढ़न चौराहे पर स्थित बेकरी पर पहुंचे। टीम के आने की भनक लगते ही बेकरी संचालक दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया।
काफी देर इंतजार के बाद वह वापस आया, तब टीम ने दुकान में रखे केक और विवेक द्वारा खरीदे गए केक के नमूने लिए गए। जांच के दौरान दुकान में साफ-सफाई और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। एहतियातन टीम ने दुकानदार के चचेरे भाई आलिब को दुकान न खोलने के सख्त निर्देश दिए।
मौके पर शिकायतकर्ता विवेक चौहान भी मौजूद रहे। खास बात यह है कि केस से हालत बिगड़ने पर विभाग एकदम हरकत में आया, जबकि हाल ही में अमरोहा में एक छात्र की फास्टफूड की वजह से मौत होने पर न सिर्फ लोग दंग रहे बल्कि कार्रवाई के लिए बड़े स्तर पर अभियान भी चला मगर, खाद्य विभाग के जिम्मेदारों ने सिर्फ जागरूक करने की बात कहते हुए मामले को दबा दिया।
जबकि वर्तमान में सबसे ज्यादा लोग फास्ट फूड का सेवन करते हैं और यह नुकसान भी है। खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षक रामजीत सिंह ने बताया कि केक के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दुकानदार को दुकान बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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