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    हाजी इकबाल के भाई को 12 वर्ष की सजा, तीन बेटों को नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में छह-छह वर्ष का कारावास

    Updated: Sun, 04 May 2025 09:20 AM (IST)

    हाजी इकबाल के भाई और बेटों को सजा सुनाई गई है। भाई को 12 वर्ष के कारावास तथा पांच लाख 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी जिसके बाद हाजी इकबाल के भाई महमूद अली पर सामूहिक दुराचार जबकि तीन बेटों जावेदअफजाल व आलीशान पर पॉक्सो एक्ट की धारा के साथ-साथ छेड़छाड़ के आरोप में चार्जशीट पेश की गई थी।

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    दीवानी कचहरी में पेशी के लिए हाजी इकबाल के बेटे अफजल व जावेद को लेकर पहुंची पुलिस । जागरण

    संवाद सहयोगी जागरण सहारनपुर। एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहित शर्मा की अदालत ने शनिवार को हाजी इकबाल के भाई को दुराचार और तीन बेटों को नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में सजा सुनाई है।

    अदालत ने हाजी इकबाल के भाई को 12 वर्ष के कारावास तथा पांच लाख 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में तीन बेटों को छह- छह वर्ष के कारावास और छह लाख 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। वसूले गए अर्थदंड का 90 फीसदी हिस्सा पीड़ित पक्ष को दिया जाएगा।

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    तीन साल तक चली कानूनी कार्रवाई में शनिवार को फैसला आया। हालांकि इस मामले में अदालत ने शुक्रवार को ही चारों आरोपितों को दोषी करार देते हुए हिरासत में लेने के आदेश कर दिए थे। शनिवार को सजा पर सुनवाई हुई। आरोपित पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से रहम की अपील की वही विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह ने कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की बात कही।

    यह था मामला

    मिर्जापुर की रहने वाली एक महिला ने 15 जून 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह तीन साल पहले इकबाल उर्फ बाल्ला के यहां काम करती थी। इकबाल ने मुझे घर से बाहर जाने से मना कर दिया और घर मे रहने के लिए कमरा दे दिया। एक दिन रात के समय मौका पाकर इकबाल ने मेरे साथ दुष्कर्म किया। लोकलाज और इकबाल के प्रभाव के कारण किसी से कुछ नहीं बोल सकी। फिर आए दिन इकबाल व उसका भाई महमूद मौका पाते ही मेरे साथ दुष्कर्म करने लगे। मैंने ये बात अपने पति को भी बताना चाही, लेकिन इन लोगों ने मुझे घर से बाहर नहीं निकलने दिया।

    बेटी से भी नहीं मिलने देते थे

    आरोप था कि कभी-कभी मेरी बेटी व मेरा पुत्र अकमल मुझसे मिलने आते थे। मेरी बेटी पर इकबाल के लड़के जावेद व अलीशान व अफजाल बुरी नजर रखने लगे। उसे अलग कमरे में ले जाकर उसके साथ अश्लील हरकतें करते थे। मेरी बेटी की उम्र 14-15 साल थी। कई बार हिम्मत जुटाकर विरोध करना चाहा तो जावेद व इकबाल के बहनोई दिलशाद ने मेरे साथ बुरी तरह मारपीट की। मेरा सिर फोड़ दिया। मेरे सिर मे 12 टांके लगे थे। कई बार मैंने थाने पर सूचना देने का प्रयास किया।

    महिला ने आरोप लगाया था कि चार पांच महीने रहने के बाद एक दिन मौका पाकर भाग निकली और अपने बच्चों को लेकर अपने रिश्तेदार के पास रहने लगी। अब पता चला कि इकबाल के विरुद्ध कुछ लोगों ने आवाज उठाई है तो मुझमें भी अपने साथ हुए अत्याचार के बारे मे न्याय की उम्मीद जागी है।

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    इन धाराओं में थी चार्जशीट

    हाजी इकबाल और उसके तीन बेटों व भाई के खिलाफ 10 सितंबर 2022 को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के तीन माह के अंदर चार्जशीट पेश कर दी थी। इसमें हाजी इकबाल के भाई महमूद अली पर सामूहिक दुराचार, जबकि तीन बेटों जावेद,अफजाल व आलीशान पर पॉक्सो एक्ट की धारा के साथ-साथ छेड़छाड़ के आरोप में चार्जशीट पेश की गई थी।