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    बंद स्कूलों में भी कर दी शिक्षकों की तैनाती! -रामपुर BSA कार्यालय के कारनामों पर भड़के शिक्षक

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 08:25 PM (IST)

    रामपुर में प्राथमिक शिक्षक संघ ने 117 बेसिक शिक्षकों की समायोजन सूची को रद्द करने की मांग की है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सूची बनाने में नियमों की अन ...और पढ़ें

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    बैठक करते अध‍िकारी

    जागरण संवाददाता, रामपुर। जनपद में किए गए 117 बेसिक शिक्षकों के समायोजन व स्थानांतरण की सूची को निरस्त कराया जाए। साथ ही सूची बनाने में विभाग पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जांच कराकर कार्रवाई की मांग भी की। सोमवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश बाबू पटेल के नेतृत्व में शिक्षक बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्र हुए।

    यहां जनपद में समायोजन के संदर्भ में जारी 117 अध्यापकों की सूची को नियम विरुद्ध ढंग से जारी करने का आरोप लगाते हुए उसकी उच्च स्तरीय जांच कराने व निरस्त कराने की मांग की। इस मांग को लेकर सभी शिक्षक तहसील पहुंचे। यहां संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत सुन रहे डीएम को ज्ञापन देकर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

    साथ ही जनपद में हाल ही में 117 बेसिक शिक्षकों के समायोजन, स्थानांतरण आदेश संबंधी सूची को निरस्त कराने की मांग की। आरोप लगाया कि इस संपूर्ण प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया है। जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। कहा कि शिक्षक तैनाती नियमावली के अनुसार, एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में पदस्थापना काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए।

    इसमें दिव्यांग शिक्षकों को प्रथम वरीयता, महिला शिक्षकों को द्वितीय वरीयता तथा पुरुष शिक्षकों को अंतिम वरीयता दिए जाने का स्पष्ट प्रावधान है। किंतु जारी सूची में इन नियमों का पूर्णतः उल्लंघन करते हुए विद्यालयों का आवंटन मनमाने ढंग से किया है। दूसरे समायोजन प्रक्रिया ब्लाक स्तर पर की जानी थी।

    इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों से प्रस्ताव भी आमंत्रित किए गए, किंतु उन्हें पूर्णतः दरकिनार कर मनमाने ढंग से आदेश कर दिए गए। एक ही ब्लाक में समायोजन संभव होने के बावजूद शिक्षकों को अन्य ब्लाकों में स्थानांतरित कर दिया है, जबकि संबंधित ब्लाकों के शिक्षकों की आपसी अदला-बदली कर दी गई है।

    वहीं विद्यालयों के विलय के उपरांत जो विद्यालय पूर्णतः बंद हो चुके हैं, उनमें भी दो-दो शिक्षकों की तैनाती दर्शाई गई है, जो मानव संसाधनों के गंभीर दुरुपयोग को दर्शाता है। इस तरह के बिंदुओं को उठाते हुए जांच के बांद सूची निरस्त कर कार्रवाई की मांग की है।

    ज्ञापन देने के दौरान जिलाध्यक्ष के अतिरिक्त जिला मंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता समेत अंजुम स्नेही सक्सेना, रवेन्द्र गंगवार, महेन्द्र प्रताप सिंह, सतीश गिरोह, भानु प्रताप सिंह, रश्मि शर्मा, कुलसुम परवीन, गुड्डो देवी, अनीता, शीतल, राजेश कुमार, अरशद अली, आनंद पाल सिंह, इंद्र सिंह, प्रियंका सक्सेना आदि उपस्थित रहे।

     

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