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    Mahakumbh 2025: डूबने, नाव पलटने, भगदड़ या आग लगने पर तुरंत होगा बचाव, ज‍िम्‍मेदारों को दी जा रही ट्रेन‍िंग

    Updated: Sun, 05 Jan 2025 08:31 AM (IST)

    पहले सत्र में घाटों मंदिरों पांटून पुलों और रेलवे स्टेशनों जैसे संवेदनशील स्थानों पर आपातकालीन परिदृश्यों पर अभ्यास किया गया। वहीं दूसरे सत्र में पार्किंग और होल्डिंग क्षेत्रों प्रमुख सड़कों और रेलवे स्टेशनों में आपात स्थितियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। तीसरे सत्र में मेला सेक्टर 17 19 और प्रयागराज जंक्शन व झूंसी जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भगदड़ आग के खतरे के लिए प्रतिक्रिया तंत्र का परीक्षण किया गया।

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    राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक दिवसीय व्यापक आपातकालीन प्रतिक्रिया का अभ्यास किया।

    जागरण संवाददाता, महाकुंभनगर। मेला क्षेत्र में किसी के डूबने, भगदड़, आग व नाव पलटने जैसी घटनाओं पर त्वरित एक्शन के लिए शनिवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक दिवसीय व्यापक आपातकालीन प्रतिक्रिया का अभ्यास किया। तीन सत्रों में आयोजित इस अभ्यास को विभिन्न आपदाओं जैसे डूबना, भगदड़, अग्नि दुर्घटना, नाव दुर्घटना और बड़ी सार्वजनिक सभाओं के दौरान संभावित संकटों से निपटने, रेलवे स्टेशनों और नियंत्रण केंद्रों की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए डिजाइन किया गया था।

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    कार्यक्रम की शुरुआत मेला प्राधिकरण सभागार में सुबह 9.30 बजे आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रारंभिक ब्रीफिंग से हुई। पहले सत्र में घाटों, मंदिरों, पांटून पुलों और रेलवे स्टेशनों जैसे संवेदनशील स्थानों पर आपातकालीन परिदृश्यों पर अभ्यास किया गया। डूबने, भगदड़, आग के खतरे और नाव पलटने जैसी गंभीर घटनाओं पर सेक्टर 15, 22 और 25 सहित निर्दिष्ट क्षेत्रों ने प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    आपात स्थितियों पर क‍िया गया ध्यान केंद्रित

    दूसरे सत्र में पार्किंग और होल्डिंग क्षेत्रों, प्रमुख सड़कों और रेलवे स्टेशनों में आपात स्थितियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। परिदृश्यों में आइईआरटी पार्किंग, सिविल लाइंस बस अड्डा और प्रयाग जंक्शन जैसे उच्च यातायात स्थानों पर अग्नि दुर्घटनाएं और भगदड़ शामिल थीं। रात में तीसरे सत्र में मेला सेक्टर 17, 19 और प्रयागराज जंक्शन व झूंसी जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भगदड़, आग के खतरे के लिए प्रतिक्रिया तंत्र का परीक्षण किया गया।

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    शाही स्नान के दिन अधिक भीड़ होने की संभावना

    अभ्यास में मेला प्रशासन, सभी सेक्टर अधिकारी, पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, यातायात पुलिस, रेलवे, यूपीएसआरटीसी, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, बिजली, जल, परिवहन, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, जल पुलिस, रेडियो पुलिस के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ ने प्रतिभाग किया। शाही स्नान के दिन अत्यधिक भीड़ होने की संभावना रहती है, इसके लिए माक एक्सरसाइज़ का परिदृश्य मौनी अमावस्या को लेकर रखा गया।

    योजना में क‍िए जाएंगे संशोधन

    प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने बताया कि आपदा की तैयारियों के प्रति प्रतिबद्धता और आपात स्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया करने की क्षमता को उजागर किया है। माक अभ्यास के अनुभवों और विश्लेषण के आधार पर आपदा प्रबंधन योजना में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

    ये लोग रहे मौजूद

    सदस्य राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली भारत सरकार लेफ्टिनेंट. जनरल सय्यद अता हसनैन एवं कर्नल केपी सिंह एडवाइजर, कर्नल नदीम अरशद वरिष्ठ सलाहकार, कर्नल एडी माथुर वरिष्ठ सलाहकार ने माक एक्सरसाइज का निरीक्षण किया। इस मौके पर राहत आयुक्त भानुचंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी प्रयागराज रविंद्र कुमार मांदड़, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी रामकेवल मौजूद रहे।

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