SIR in Prayagraj : न सर्वर नियमित न ही मोबाइल नेटवर्क ठीक, दिन-रात काम चल रहा फिर भी एसआइआर की रफ्तार धीमी
SIR in Prayagraj प्रयागराज में एसआइआर (SIR) के तहत 25 लाख से ज़्यादा प्रपत्रों को डिजिटाइज़ करने का लक्ष्य है, लेकिन सर्वर और नेटवर्क की समस्याएँ आ रही हैं। अब तक 21.97 लाख प्रपत्रों का डिजिटाइज़ेशन हो चुका है। ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की कमी के कारण दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि एसआइआर की तारीख सात दिन के लिए बढ़ा कर 11 दिसंबर कर दी गई है। कर्मचारियों को दिन-रात काम करना पड़ रहा है, फिर भी कई मतदाता सूची में दो-दो बार शामिल हैं।

SIR in Prayagraj प्रयागराज एसआइआर अभियान के तहत डिजिटलीकरण प्रक्रिया धीमी है।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। SIR in Prayagraj 25 लाख से अधिक प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का भारी-भरकम लक्ष्य है। न सर्वर नियमित साथ दे रहा है और न ही मोबाइल का नेटवर्क। रातो-दिन काम चल रहा है, फिर भी एसआइआर को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। शनिवार शाम तक 21,97,705 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन हो सका है। हालांकि, प्रशासन ने बीएलओ के साथ अन्य कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगा रखी है, फिर भी तकनीकी समस्या का कोई हल नहीं निकल पा रहा है।
सर्वर पटरी पर आया पर रफ्तार नहीं रही
एSIR in Prayagraj सआइआर में लगाए गए बीएलओ की ओर से पहले प्रपत्रों का वितरण किया गया। अब उन्हें वापस लेकर डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। यह काम इतना आसान नहीं। दो दिन तक सर्वर ने खूब छकाया। घंटों तक इसकी वजह से काम प्रभावित रहा। शनिवार को यह पटरी पर तो आया, लेकिन रफ्तार फिर भी नहीं रही।
गांवों में आ रही अधिक समस्या
SIR in Prayagraj एसआइआर में लगे कर्मचारियों ने बताया कि पहले जहां चार से पांच मिनट में एक फीडिंग होती थी, वहीं अब इसमें दोगुना समय लग रहा है। सबसे अधिक क्षेत्र ग्रामीण अंचल का है। इसमें ज्यादातर गांवों में मोबाइल का नेटवर्क नहीं रहता। ऐसे में भी मोबाइल एप काम नहीं कर पा रहा है, जिसकी वजह से डिजिटाइजेशन में अड़चनें आ रहीं हैं। यही सब कारण है कि एसआइआर में उम्मीदों के मुताबिक प्रगति नहीं दिख रही है।
एसआइआर की तारीख सात दिनों के लिए बढ़ी
जिले में 46,92,860 मतदाताओं के प्रपत्र भरवाए जाने का लक्ष्य है। चार दिसंबर तक का समय शासन ने निर्धारित किया था। हालांकि जानकारी मिल रही है कि सात दिन के लिए एसआइआर की तारीख बढ़ा दी गई है। प्रपत्रों के वितरण और कलेक्शन से लेकर डिजिटाइजेशन तक सारा काम होना है। शनिवार की शाम तक 46,48,345 प्रपत्रों का वितरण हुआ था। यानी 44,506 प्रपत्रों का वितरण ही अब तक नहीं हुआ है। वहीं डिजिटाइजेशन की बात करें तो इसमें भी 50 फीसदी से अधिक काम बाकी है। 21,97,705 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन हो सका है। वहीं 2,50,339 आवेदन आनलाइन आए हैं।
दिन में वितरण व कलेक्शन, रात में फीडिंग
SIR in Prayagraj एसआइआर को लेकर पूरा प्रशासन जुट गया है। ज्यादातर विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंप दी गई है। वहीं बीएलओ ने भी रात-दिन एक कर दिया है। दिन में मतदाताओं के यहां जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण व कलेक्शन कर रहे हैं तो रात भर बैठकर डिजिटाइजेशन। समस्या तब और बढ़ जा रही है जब प्रपत्रों में पूरा ब्योरा न हो।
एक मतदाता का दो-दो बूथों पर नाम
कई मतदाता ऐसे भी हैं, जो जिनका नाम दो-दो बूथों की मतदाता सूची में शामिल है। फूलपुर के रामगढ़ में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इसके अलावा तमाम ऐसे मतदाता हैं, जिनके नाम के प्रपत्र तो हैं, लेकिन वह खोजे नहीं मिल रहे हैं।

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