दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव ने प्रयागराज में पूछा- कितनी समितियां बनीं और कितनी सक्रिय हुईं...अफसर नहीं दे सके जानकारी
प्रयागराज में दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से दुग्ध सहकारी समितियों की जानकारी मांगी, लेकिन अधिकारी जानकारी नहीं दे सके। उन्होंने दूध का संग्रह 20% तक बढ़ाने और निष्क्रिय समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। धान खरीद में तेजी लाने और गोशालाओं में मवेशियों की देखभाल पर भी उन्होंने जोर दिया और सुधार न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

प्रयागराज के विकास भवन में दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव की बैठक में मौजूद अफसर। सौजन्य : विभाग
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जिले में दुग्ध विकास विभाग की योजनाएं व कार्यक्रम आखिर क्यों न दम तोड़े, जब अफसर खुद संजीदा नहीं है। दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव के सामने इसकी एक झलि तब दिखी, जब अफसर दुग्ध सहकारी समितियों की जानकारी नहीं दे सके। यह भी नहीं बता पाए कि कितनी समिति बनीं है और कितनी सक्रिय हैं।
समीक्षा बैठक में मंडल के सभी जनपदों के अधिकारी शामिल हुए
दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव राम सहाय यादव तीन दिवसीय भ्रमण पर प्रयागराज आए थे। यहां धान खरीद के भी वह नोडल अधिकारी हैं। इसके अलावा शासन ने सरकारी गोशालाओं की स्थिति देखने की जिम्मेदारी सौंपी है। क्षेत्र में इनकी पड़ताल के बाद शनिवार को विकास भवन में उन्होंने समीक्षा बैठक की। इसमें मंडल के सभी जनपदों के संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
अफसरों ने एसआइआर में व्यस्तता का दिया हवाला
समीक्षा के दौरान धान खरीद स्थित सुस्त मिली। चंद क्रय केंद्रों से ही अभी तक धान का उठान शुरू हुआ था। इसके अलावा कुछ जगह धान की खरीद ही रफ्तार धीमी थी। धान तौलने की व्यवस्थाएं नियमों के अनुरूप नहीं मिली। सत्यापन की प्रगति धीमी थी। इस पर अफसरों ने तर्क दिया कि एसआइआर में व्यस्तता के चलते ऐसा हो रहा है।
दुग्ध सहकारी समितियों की जानकारी नहीं दे सके अफसर
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा के दौरान जनपद में दूध के कलेक्शन की जानकारी ली। बताया गया कि सात हजार लीटर दूध का कलेक्शन हो रहा है। दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़ी जानकारी मांगी तो अफसर बगले झांकने लगे। विशेष सचिव ने स्पष्ट कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है। 10 दिन बाद फिर दौरा होगा। तब तक दूध का कलेक्शन कम से कम 20 फीसदी तक हो जाना चाहिए। निष्क्रिय पड़ी साधन सहकारी समितियों को सक्रिय करें। धान खरीद को रफ्तार दी जाए।
गोशालाओं में मवेशियों की देखभाल पर ध्यान दिया जाए
उन्होंने कहा कि गोशालाओं में मवेशियों की देखभाल पर ध्यान दिया जाए। शासन के आदेशों के अनुरूप चारे-पानी की व्यवस्था हो। सर्दी से बचाने के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। विशेष सचिव ने बताया कि अफसरों को सुधार के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी प्रगति न दिखी तो कार्रवाई की जाएगी।

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