राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के पोषण संबंधी 10 पाठ्यक्रम स्थगित, अध्ययनरत छात्रों का वापस होगा शुल्क
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने जुलाई 2025 से शुरू होने वाले पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े 10 कार्यक्रमों को रोक दिया है। विश्वविद्यालय ...और पढ़ें

प्रयागराज राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने जुलाई 2025 से शुरू पोषण के 10 पाठ्यक्रमों को स्थगित कर दिया है।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र जुलाई–2025 से संचालित किए जाने वाले पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़े 10 कार्यक्रमों को स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (यूजीसी-डेब) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बाद लिया गया है। इन कार्यक्रमों में प्रवेश ले चुके छात्रों की फीस वापस की जाएगी।
इन पाठ्यक्रमों को स्थगित किया गया था
यूजीसी ने पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित पाठ्यक्रमों क्लिनिकल न्यूट्रिशन, डाइटेटिक्स, मनोविज्ञान, माइक्रोबायोलाजी को जुलाई-अगस्त 2025 शैक्षणिक सत्र से आनलाइन या दूरस्थ शिक्षा मोड में चलाने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मुक्त विश्वविद्यालय ने एमएससी फूड न्यूट्रिशन, एमएससी बायोकेमिस्ट्री तथा बीएससी ह्यूमन न्यूट्रिशन पाठ्यक्रम स्थगित किया था।
अग्रिम सूचना तक स्थगित रहेगा
इसी क्रम में अब सात प्रमाणपत्र, डिप्लोमा और जागरूकता कार्यक्रम भी अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं। इनमें बाल पोषण एवं आहार जागरूकता कार्यक्रम, पोषण एवं आहार प्रमाणपत्र, बाल देखभाल एवं पोषण प्रमाणपत्र, डायटेटिक्स एवं न्यूट्रिशन में डिप्लोमा, स्वास्थ्य शिक्षा एवं पोषण में डिप्लोमा, लोक स्वास्थ्य एवं सामुदायिक पोषण में डिप्लोमा तथा बाल देखभाल एवं पोषण जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का संचालन अग्रिम सूचना तक स्थगित रहेगा।
शुल्क वापसी को जमा करनी होगी अध्ययन सामग्री
मुक्त विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि इन कार्यक्रमों में जिन विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है और जिन्हें स्वयं अध्ययन सामग्री (एसएलएम) प्राप्त हो चुकी है। उनको अध्ययन सामग्री विश्वविद्यालय को तत्काल वापस करनी होगी। अध्ययन सामग्री की वापसी के बाद मुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश शुल्क की वापसी की प्रक्रिया आरंभ करेग।
विद्यार्थियों को अग्रिम कार्यवाही की मिलेगी जनकारी
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह से अकादमिक गुणवत्ता और नियामक अनुपालन को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। जैसे ही आवश्यक अनुमोदन अथवा दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, आगे की कार्यवाही और विद्यार्थियों को आधिकारिक माध्यमों से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रवेश अनुभाग के प्रभारी प्रो. जेपी यादव के अनुसार अध्ययन सामग्री लौटाने की प्रक्रिया पूर्ण होते ही शुल्क वापसी सुनिश्चित की जाएगी।

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