संगम नगरी में अपनों के बिना 50 बदनसीबों का अंतिम सफर, न लिपटकर रोने वाला और न ही अर्थी देने वाला था कोई
प्रयागराज में पिछले डेढ़ महीने में 50 अज्ञात शवों का पुलिस ने अंतिम संस्कार किया। 21 नवंबर से 31 दिसंबर ...और पढ़ें

संगम नगरी अपनों के बिना 48 दिनों में 50 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार पुलिस ने किया। जागरण आर्काइव
HighLights
21 नवंबर से लेकर 31 दिसंबर तक जिले में मिले अज्ञात शवों की नहीं हो सकी पहचान
तीन दिन तक राह देखने के बाद नहीं आए नात-रिश्तेदार, पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
सूर्य प्रकाश तिवारी, प्रयागराज। न कोई लिपटकर रोने वाला, न कोई उन्हें ढांढस बंधाने वाला। न अर्थी देने वाले थे और न राम का नाम दोहराने वाले। बेरहम मौत ने जब आगोश में लिया तो सब पीछे छूट गया। बीते करीब डेढ़ महीने में 50 बदनसीब कुछ ऐसे ही अपने अंतिम सफर पर निकले। अपने तो थे, नहीं ऐसे में खाकी ने उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई।
हादसे आदि में अज्ञात शव मिलते रहते हैं
जिले में आए दिन कहीं न कहीं अज्ञात शव मिलते रहते हैं। इनमें से कोई सड़क हादसों में दम तोड़ता है तो किसी का शव नदियों, नालों आदि में उतराता मिलता है। इनमें से कुछ मृतक ऐसे होते हैं, जिनके गांव, घर का पता पुलिस लगा लेती है। घरवाले आते हैं और उनके शवों को ले जाकर अपने रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करते हैं।
48 दिनों में 50 अज्ञात शवों की नहीं हुई शिनाख्त
वहीं तमाम अज्ञात शव ऐसे भी रहते हैं, जिन पर सिर रखकर रोने वाला कोई नहीं मिलता। बीते 21 नवंबर से लेकर 31 दिसंबर तक 48 दिनों के बीच ऐसे ही लगभग 50 अज्ञात शव पोस्टमार्टम हाउस लाए गए। यह वह बदनसीब मृतक हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी। इनमें पुरुषों के साथ तमाम महिलाओं के शव भी शामिल हैं।
पहचान न होने पर पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
नियमों के अनुसार पुलिस ने तीन दिनों तक इनके शवों को मर्च्युरी में सुरक्षित रखा। इनके घरवालों का पता लगाने की कोशिशें कीं। इंटरनेट मीडिया व अन्य माध्यमों का सहारा लिया, लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। जब इन्हें अपनाने वाला कोई नहीं आया तो फिर खाकी खड़ी हुई। अपनों की तरह इनका अंतिम संस्कार कराया।
खर्च कितना भी हो मिलते हैं सिर्फ 3400 रुपये
अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, जिसे पुलिस बखूबी निभा भी रही है। पुलिस महकमे के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि शासन की ओर से हर अज्ञात शव के अंतिम संस्कार के लिए 3400 रुपये दिए जाते हैं। जिस थाना क्षेत्र में शव मिलता है, उस थाने की पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कराती है। फिर, बजट की डिमांड करती है, जिस पर भुगतान होता है। इसके अलावा कुछ संस्थाएं भी हैं, जो इसमें पुलिस का सहयोग करती हैं।
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