B. El. Ed Training : यूपी में अब इंटर पास चार वर्षीय बीएलएड से बन सकेंगे शिक्षक, बंद होगा दो वर्षीय D.El.Ed
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए दो वर्षीय डीएलएड प्रशिक्षण को बंद करने की त ...और पढ़ें

B.Ed Training : बंद होगा 2 वर्षीय D.El.Ed प्रशिक्षण, 4 वर्षीय बीएलएड की तैयारी, शिक्षक भर्ती में डिग्रीधारक अर्ह होंगे।
अवधेश पाण्डेय, जागरण, प्रयागराज। B.Ed Training बेसिक शिक्षा परिषद के कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए आवश्यक योग्यता दो वर्षीय डिप्लोमा प्रशिक्षण यानी डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) को बंद किए जाने की तैयारी है। इसके स्थान पर चार वर्षीय प्रशिक्षण बैचलर आफ एलीमेंट्री एजुकेशन (बीएलएड) की डिग्री प्रदान की जाएगी।
B.Ed Training डीएलएड कोर्स के लिए अभी स्नातक योग्यता आवश्यक है, लेकिन बीएलएड में प्रवेश के लिए योग्यता इंटरमीडिएट तय की गई है। इसे अभी प्रथम चरण में सात जनपदों प्रयागराज, जौनपुर, गोरखपुर, हापुड़, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर और वाराणसी के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में लागू किए जाने की तैयारी चल रही है।
B.Ed Training वाराणसी के कालेज आफ टीचर एजुकेशन (सीटीई) में भी संचालन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित डायट प्राचार्यों एवं सीटीई प्राचार्य के साथ 29 दिसंबर को हुई आनलाइन बैठक में मानवीय और भौतिक संसाधन पर चर्चा हुई है।
B.Ed Training चार वर्षीय बीएलएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए न्यूनतम अर्हता इंटरमीडिएट होने से अभ्यर्थियों का एक वर्ष का समय बचेगा, क्योंकि अभी डीएलएड में प्रवेश के लिए योग्यता स्नातक होने से तीन वर्ष स्नातक करने में तथा दो वर्ष डीएलएड करने को जोड़कर पांच वर्ष लग जाते थे। बीएलएड से वह चार वर्ष में ही स्नातक के साथ प्राथमिक शिक्षक भर्ती में आवेदन करने के लिए भी अर्ह हो जाएंगे। इसके लिए प्रदेश में संचालित डायटों को अपग्रेड किया जाएगा।
इस संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक की ओर से सर्व शिक्षा अभियान के संयुक्त निदेशक डा. पवन कुमार द्वारा बुलाई गई आनलाइन बैठक में सात जिलों के डायट प्राचार्यों से विचार-विमर्श किया गया। बीएलएड के लिए संस्थान में शिक्षकों की उपलब्धता और उनकी योग्यता की जानकारी लेने के साथ भौतिक संसाधन की पड़ने वाली आवश्यकताओं का भी आकलन किया गया, ताकि उसी अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
बीएलएड होने पर अध्यापन के लिए उच्च प्रशिक्षित प्रवक्ताओं की आवश्यकता होगी। प्रयागराज डायट में 17 में 12 शिक्षक पीएचडी हैं। इसी तरह अन्य डायटों में भी हैं। पूरी तैयारी के बाद प्रदेश में बीएलएड पाठ्यक्रम शुरू किए जाने के समय पर निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद इसे प्रदेश के सभी 66 डायटों में संचालित किया जाएगा।

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