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जज बोल रहा हूं ... महिला की ड्यूटी एसआइआर से हटा दीजिए, ऐसी काल के माध्यम से अनुचित कार्य के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया

By TARA CHANDRA GUPTAEdited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 17 Nov 2025 02:24 PM (IST)

प्रयागराज में एक जज के नाम से अधिकारियों पर दबाव बनाने का मामला सामने आया है। अज्ञात लोगों ने जज ...और पढ़ें

प्रयागराज जिला न्यायालय के एक जज के नाम से फर्जी फोन काल करने के मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

प्रयागराज जिला न्यायालय के एक जज के नाम से फर्जी फोन काल करने के मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 

HighLights

  1. जिला न्यायालय प्रयगाराज के जज ने थाने में मोबाइल नंबर, ईमेल आइडी के खिलाफ केस दर्ज कराया

  2. इंस्पेक्टर कर्नलगंज बोले- तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके विवेचना की जा रही है

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। ‘मैं जिला अदालत इलाहाबाद से जज बोल रहा हूं। फलां...महिला की ड्यूटी एसआइआ से हटा दीजिए। जज साहब ने कहा, इनका काम करवा दीजिए’। जी हां। जिला न्यायालय में कार्यरत एक जज के नाम से अलग-अलग अधिकारियों को काल करके काम कराने और अनुचित दबाव बनाए जाने का मामला सामने आया है। इसका पता चलने पर जज ने कर्नलगंज थाने में मोबाइल नंबर व ईमेल आइडी के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है।

एसडीएम धामपुर बिजनौर कार्यालय से मिली सूचना  

बताया गया है कि जिला न्यायालय प्रयागराज में कार्यरत एक जज को 18 अगस्त 2025 को एसडीएम धामपुर बिजनौर के कार्यालय से सूचना मिली कि उनके नाम से बिजनौर के अधिकारियों के पास काल आ रही है। कालर ने प्रीति गुप्ता की ड्यूटी निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण (एसआइआर) से हटाने की सिफारिश की।

जिस नंबर से काल किया था, वह उनका नहीं था 

उन्होंने एसडीएम बिजनौर कार्यालय को बताया कि किसी को काल नहीं की है। साथ ही यह जानकर जज परेशान हो गए क्योंकि जिस नंबर से काल किया था, वह उनका नहीं था। वह कभी बिजनौर में कार्यरत भी नहीं रहे। जज ने जब टू़कालर पर नंबर को चेक किया तो चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट......के नाम से अंकित था।

स्पीड पोस्ट से एक डाक मिली 

ऐसा धोखाधड़ी करने के उद्देश्य से किया गया था। उस मोबाइल नंबर के साथ मयंक नामक ईमेल आइडी भी लिखी गई थी। जज का यह भी कहना है कि 10 नवंबर 2025 को जब वह न्यायालय पहुंचे तो स्पीड पोस्ट से एक डाक मिली, जो विपिन कुमार निवासी आनंद नगर बेंगलुरू, कर्नाटक के नाम से भेजी गई थी।

पुलिस मामले की विवेचना कर रही है 

डाक पत्र में उनके नाम से आयुष जैन निवासी धामपुर, बिजनौर द्वारा विभिन्न अधिकारियों को मोबाइल से काल करके अनुचित कार्य कराए जाने की बात लिखी गई थी। जबकि जज किसी विपिन कुमार को जानते ही नहीं है। फिलहाल उनका कहना है कि कोई व्यक्ति उनके नाम और पद का दुरुपयोग कर रहा है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज संजय कुमार का कहना है कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

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