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संगम नगरी में मोतियाबिंद का निश्शुल्क आपरेशन, अस्पताल आने-जाने, भोजन की सुविधा भी, अब गरीबों का रोड़ा नहीं बनेगा पैसा

By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 17 Nov 2025 01:28 PM (IST)

प्रयागराज में, सीतापुर आई हास्पिटल ट्रस्ट द्वारा संचालित बीएस मेहता नेत्र अस्पताल, आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों के लिए मोतियाबिंद ...और पढ़ें

प्रयागराज में गरीबों के लिए मुफ्त मोतियाबिंद आपरेशन की बीएस मेहता अस्पताल ने अनूठी पहल की है।

प्रयागराज में गरीबों के लिए मुफ्त मोतियाबिंद आपरेशन की बीएस मेहता अस्पताल ने अनूठी पहल की है। 

HighLights

  1. योजना की शुरुआत होने पर पहले वर्ष रखा गया 2000 आपरेशन का लक्ष्य

  2. सीतापुर आई हास्पिटल ट्रस्ट से संचालित बीएस मेहता नेत्र अस्पताल देगा सुविधा

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। आर्थिक रूप से बदहाल उन ग्रामीणों के घर खुशी जल्द ही लौटने वाली है, जिन्हें आंख में मोतियाबिंद है, लेकिन वे पैसों के कारण आपरेशन नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे मरीजों को सीतापुर आई हास्पिटल ट्रस्ट की ओर से प्रयागराज में संचालित बीएस मेहता नेत्र अस्पताल की ओर से निश्शुल्क सुविधा दी जाएगी।

आने-जाने, रहने-खाने व आपरेशन की निश्शुल्क सुविधा  

मोतियाबिंद के मरीज गांवों में रहते हैं तो उन्हें उनके घर से शहर लाया जाएगा, यहां उनका आपरेशन होगा और अगले दिन शाम को उनके घर पहुंचा दिया जाएगा। इस दौरान आने-जाने, रहने खाने और आपरेशन की सुविधाएं मुफ्त में दी जाएंगी। योजना की शुरुआत होने पर पहले साल 2000 आपरेशन का लक्ष्य रखा गया है।

डीबीसीएस योजना पर करेंगे अमल

भारत सरकार की डीबीसीएस योजना डिस्ट्रिक्ट ब्लाइंड कंट्रोल सोसाइटी के साथ जुड़ कर बीएस मेहता नेत्र अस्पताल कदम बढ़ा रहा है। योजना की शुरुआत से पहले सीएमओ के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होने हैं। इसकी प्रक्रिया चल रही है। सीएमओ से ट्रस्ट के प्रतिनिधि के मुलाकात हो चुकी है।

क्या कहते हैं अस्पताल के अधिकारी 

अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी दिनेश बहादुर सिंह ने बताया है कि अस्पताल की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाती हैं। सोमवार को फूलपुर, मंगलवार को जसरा, गुरुवार को सोरांव और शुक्रवार को सिरसा में नेत्र परीक्षण शिविर का साप्ताहिक आयोजन होता है। इसमें मोतियाबिंद के मरीजों को चिह्नित कर लिया जाएगा। अस्पताल की गाड़ी से उन्हें शहर लाया जाएगा। अस्पताल परिसर में ही उनके रहने खाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके बदले किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

दिसंबर से होगी शुरुआत

प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि योजना की शुरुआत दिसंबर से कर दी जाएगी। एमओयू पर हस्ताक्षर ही शेष है। पिछले दिनों शिविर मैनेजर अमित सिंह ने सीएमओ से इस संबंध में मुलाकात की है।

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