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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maha Kumbh 2025: सात पीढ़ियों का पिंडदान कर 850 लोग बने नागा संन्यासी, त्यागे घर-परिवार और सुख-सुविधाएं; PHOTOS

Published: Sat, 18 Jan 2025 08:10 PM (IST)Updated: Sat, 18 Jan 2025 08:50 PM (IST)

Maha Kumbh Mela 2025 में सैकड़ों लोगों ने गंगा तट पर नागा संन्यासी बनने की दीक्षा ली। नागा संन्यासी बनने ...और पढ़ें

Maha Kumbh Mela 850 लोगों को नागा संन्यासी बनाया गया। जागरण
Maha Kumbh Mela 850 लोगों को नागा संन्यासी बनाया गया। जागरण

HighLights

  1. जूना अखाड़ा में चार मढ़ियों में बनाए गए नागा संन्यासी
  2. 19 जनवरी को महिलाओं को दी जाएगी नागा की दीक्षा

जागरण संवाददाता, महाकुंभ नगर। Maha Kumbh 2025: सनातन धर्म की रक्षा, वैदिक परंपरा के संरक्षण, जनकल्याण के लिए जप-तप करने की प्रतिबद्धता के साथ श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा में सैकड़ों लोग नागा संन्यासी बने। गंगा के तट पर दिनभर संन्यास की प्रक्रिया चली।

चारों मढ़ियों में 850 लोगों को नागा संन्यासी बनाया गया। सर्वप्रथम सबका मुंडन हुआ। इसके बाद गंगा स्नान करके माता-पिता सहित सात पीढ़ियों का पिंडदान किया। फिर अपना पिंडदान करके घर-परिवार से पूरी तरह से नाता समाप्त कर लिया।

नागा संन्यासी समस्त सुख-सुविधाओं का त्याग करके धर्म के प्रति जीवन समर्पित करते हैं। शैव अखाड़े जूना, निरंजनी, महानिर्वाणी, अटल, आनंद और आवाहन कुंभ-महाकुंभ में नागा संन्यासी बनाते हैं। शनिवार की सुबह गंगा के त्रिवेणी घाट पर अखाड़े के चार मढ़ियाें गिरि, पुरी, सरस्वती और भारती के नागा संन्यासी बनाने की प्रक्रिया आरंभ हुई।

Maha Kumbh 2025: त्रिवेणी घाट पर नागा संत बनने के लिए पूजा करते जूना अखाड़े के नागा। -शरद मालवीय


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रमता पंच के श्रीमहंत निरंजन भारती, रामचंद्र गिरि, मोहन गिरि और दूध पुरी की देखरेख में सबका मुंडन कराया गया। इसके बाद गंगा में मंत्रोच्चार के बीच 108 बार डुबकी लगवाई गई। फिर गंगा पूजन करके पिंडदान की प्रक्रिया आरंभ हुई।

पंचों ने उन्हें सनातन धर्म का मर्म, अखाड़े की कार्यप्रणाली, निष्ठा और नियम के बारे में बताया। उसका पालन करने का संकल्प दिलाया। रात में सबका विजया हवन कराया गया।

Maha Kumbh 2025: त्रिवेणी घाट पर नागा साधु बनने के लिए पूजा करते जूना अखाड़े के नागा।- हृदेश चंदेल


अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया कि संन्यास लेने वालों ने एक दिन पहले अन्न त्याग दिया था। जल व एक समय फल का सेवन किया। अब 19 जनवरी को महिलाओं को नागा बनाने की दीक्षा दी जाएगी। इसके बाद पुरुषों को 24 और 27 जनवरी को पुन: नागा संन्यासी बनाया जाएगा। इसमें सैकड़ों लोगों को नागा बनाने की दीक्षा दी जाएगी।

Maha Kumbh 2025: त्रिवेणी घाट पर नागा संत बनने के लिए पूजा करते जूना अखाड़े के नागा। -शरद मालवीय


कोतवालों ने संभाली सुरक्षा की जिम्मेदारी

गंगा घाट पर सुरक्षा की जिम्मेदारी अखाड़े की चारों मढ़ियाें के कोतवालों ने निभाई। हर मढ़ी के पांच-पांच कोतवाला सुरक्षा में लगे रहे। जहां अनुष्ठान चल रहा था उसके पास जाने की अनुमति किसी को नहीं दी गई।

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Maha Kumbh 2025: त्रिवेणी घाट पर नागा साधु बनने के लिए पूजा करते जूना अखाड़े के नागा। -हृदेश चंदेल


29 जनवरी को मिलेगा मंत्र

नागा बनने वालों को महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान मौनी अमावस्या पर दिगंबर गायत्री मंत्र दिया जाएगा। अखाड़े की धर्मध्वजा के नीचे आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि सबको दिगंबर गायत्री मंत्र देंगे। इसके बाद उन्हें अमृत स्नान में शामिल किया जाएगा। इसके साथ सभी अखाड़े से पूर्ण रूप से जुड़ जाएंगे।