विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gyanvapi case: ज्ञानवापी परिसर के स्वामित्व वाद में HC का फैसला सुरक्षित, ASI से सर्वे कराने संबंधी आदेश के खि‍लाफ हैं दो याच‍िका

By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
Published: Fri, 08 Dec 2023 09:14 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर के स्वामित्व व एएसआई सर्वे वाद को लेकर दाखिल याचिकाओं पर दोनों ...और पढ़ें

ज्ञानवापी परिसर के स्वामित्व वाद में HC का फैसला सुरक्षित।
ज्ञानवापी परिसर के स्वामित्व वाद में HC का फैसला सुरक्षित।

विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर के स्वामित्व व एएसआई सर्वे वाद को लेकर दाखिल याचिकाओं पर दोनों पक्षों की बहस सुनकर फैसला सुरक्षित कर लिया है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ में सुनवाई पूरी हो गई।

शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन कोर्ट में यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी और मंदिर पक्ष की तरफ से दलीलें पेश की गईं। हाई कोर्ट में ज्ञानवापी विवाद से जुड़ी पांच याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इनमें तीन याचिकाएं 1991 में वाराणसी की अदालत में दाखिल मुकदमे की पोषणीयता से जुड़ी हैं। वर्ष 1991 के इस मुकदमे में विवादित परिसर हिंदुओं को सौंपे जाने और वहां पूजा अर्चना की इजाजत दिए जाने की मांग की गई है।

ASI से सर्वे कराने संबंधी आदेश के खि‍लाफ हैं दो याच‍िका

दो याचिकाएं भारतीय पुरातत्व सर्वे (एएसआइ) से सर्वेक्षण कराने संबंधी आदेश के खिलाफ हैं। इन याचिकाओं पर न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ ने पहले निर्णय सुरक्षित किया था। वह फैसला सुनाते, उससे पहले ही तत्कालीन मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर ने यह मामला अपने पास स्थानांतरित कर लिया। नवंबर में उनके सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने प्रकरण में सुनवाई की।

यह भी पढ़ें: Gyanvapi Case: 'व्यासजी के तहखाने' की चाबी किसके पास?... मामले में पक्षकार बनने की अपील पर आज आ सकता है आदेश

यह भी पढ़ें: Praayagraj News: इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला, कहा- नाबालिग को भी इच्छा के विरुद्ध संरक्षण गृह में नहीं रख सकते