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    ट्रेन के स्लीपर क्लास में मामूली कीमत पर मिलेगा साफ-सुथरा बेडरोल, NCR के प्रयागराज, झांसी, आगरा मंडल में कब होगी शुरुआत?

    By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 30 Nov 2025 12:41 PM (IST)

    भारतीय रेलवे स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए एक नई सुविधा शुरू करने जा रहा है। 1 जनवरी 2026 से दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल में स्लीपर क्लास में 20 से 50 रुपये में साफ-सुथरा बेडरोल मिलेगा। यात्रियों की मांग है कि यह सुविधा उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडल में भी शुरू की जाए। रेलवे अधिकारी इस सुविधा को NCR में लागू करने की रणनीति बना रहे हैं।

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    सस्ते में ट्रेनों के स्लीपर क्लास में यात्रियों को साफ बेडरोल की सुविधा एनसीआर के प्रयागराज, झांसी, आगरा मंडल में भी शुरुआत! करने की मांग उठी है। 

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नए साल में भारतीय रेलवे ने स्लीपर क्लास के करोड़ों यात्रियों को वह सुविधा देगा, जिसका इंतजार दशकों से था। एक जनवरी 2026 से दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल की गाड़ियों में अब स्लीपर क्लास के यात्री भी मांगने पर साफ-सुथरी चादर, तकिया और कवर ले सकेंगे, वह भी सिर्फ 20 से 50 रुपये में।

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    चेन्नई मंडल ने 2023-24 में इसका पायलट प्रोजेक्ट चलाया था। यात्रियों ने इसे इतना पसंद किया कि अब यह सुविधा स्थायी हो गई। शुरुआत में चेन्नई मंडल की 10 प्रमुख ट्रेनों में यह सेवा शुरू होगी। यात्री खुश हैं। सोशल मीडिया से लेकर प्लेटफार्म तक हर तरफ एक ही बात हो रही है।

    प्रयागराज के संदीप त्रिपाठी हर महीने प्रयागराज-दिल्ली आते-जाते हैं। कहते हैं, माघ मेला और कुंभ में लाखों लोग स्लीपर से आते हैं। चेन्नई अगर दे सकता है तो उत्तर मध्य रेलवे क्यों पीछे रहे? प्रयागराज एक्सप्रेस और संगम एक्सप्रेस में ये सुविधा तुरंत शुरू होनी चाहिए।

    दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र अंकित शर्मा शिवगंगा एक्सप्रेस से हमेशा यात्रा करते हैं। बोले, सर्दी में बिना चादर के सफर करना बहुत तकलीफदेह है। सिर्फ 50 रुपये में पूरा सेट मिल जाए तो हम जैसे स्टूडेंट्स के लिए वरदान है। क्योंकि बैग में सब लाद कर चलना मुश्किल भरा होता है। ट्रेन में ही सुविधा मिल जाए तो आनंद आ जाए।

    झांसी की मूलत: रहने वाली रिटायर्ड टीचर उषा देवी कहती हैं, मेरी ससुराल प्रयागराज में है। मैं अक्सर झांसी मायके जाती हूं। उम्र हो गई है, घर से भारी बिस्तर ले जाना मुश्किल है। अगर ट्रेन में ही साफ बेडरोल मिल जाए तो सफर आसान हो जाएगा। स्लीपर में किराया कम होता है और कई लोग साथ में रहते हैं इसलिए हम इससे ही जाना पसंद करते हैं। कानपुर के व्यापारी मोहम्मद फैसल ने तो सीधे ट्वीट किया, चेन्नई मंडल ने कर दिखाया। अब उत्तर मध्य रेलवे (NCR) की बारी है। सभी स्लीपर गाड़ियों में ये सुविधा होनी ही चाहिए। 

    रेलवे के अधिकारी भी मानते हैं कि चेन्नई का माडल सफल रहा तो जल्द ही इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। यानी प्रयागराज, झांसी, आगरा, कानपुर, लखनऊ… हर मंडल के यात्री जल्द ही यही कहते नजर आएंगे कि अब स्लीपर में भी नींद आएगी पूरी, क्योंकि बेडरोल अब गंदा नहीं, साफ और पैक है।
    20-30-50 रुपये में आराम और स्वच्छता, इससे बेहतर नए साल का तोहफा रेल यात्रियों को और क्या मिल सकता है।

    उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी कहते हैं यात्रियों को बेहतर से बेहतर सुविधा देने की पहल रेलवे लगातार कर रहा है। प्रायोगिक आधार पर यह दक्षिण रेलवे में शुरू हुआ है, इसे किस तरह से यहां इंप्लीमेंट किया जा सकता है, इस पर रणनीति बनाई जाएगी।

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