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    Circle Rates : प्रयागराज में राजमार्ग के पास 26 गांवों में कृषि भूमि की दरें ही गायब, जमीन अधिग्रहण के दौरान पकड़ गया मामला

    By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sat, 29 Nov 2025 06:24 PM (IST)

    प्रयागराज में एक बड़ा मामला सामने आया है जिसमे राजमार्गों के आसपास के 26 गांवों में कृषि भूमि की दरें गायब मिली हैं। महाकुंभ 2025 से पहले जमीन अधिग्रहण के दौरान यह मामला पकड़ में आया। अब इन गांवों में कृषि भूमि का सर्किल रेट करोड़ों रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया जा रहा है। नैनी, झूंसी और फाफामऊ के आसपास के गांवों का मूल्यांकन किया जा रहा है।

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    प्रयागराज जनपद में सर्किल रेट के निर्धारण में बड़ा मामला पकड़ा गया है। 

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जनपद में सर्किल रेट के निर्धारण में बड़ा मामला पकड़ा गया है। राजमार्गों के आसपास स्थित जिले के 26 गांवों में कृषि भूमि की दरें ही गायब हैं। वर्ष 2022 तथा इसके पहले सर्किल रेट के निर्धारण के दौरान भी इन गांवों की दरें नहीं थीं।

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    ऐसे पकड़ में आया मामला 

    महाकुंभ 2025 के पहले इन गांवों में विभिन्न परियोजनाओं के लिए जमीन का अधिग्रहण शुरू हुआ तो मामला पकड़ में आ गया। अधिग्रहण के दौरान इन राजस्व गांवों की खतौनी भी बनने लगी। दिसंबर के पहले हफ्ते में नया सर्किल लागू किए जाने की तैयारी है। अब इन गांवों में कृषि भूमि का सर्किल रेट करोड़ों में निर्धारित किया जा रहा है।

    यहां पांच करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर होगा सर्किल रेट

    नैनी के पास करछना तहसील के जहांगीराबाद, नैनी तालुका नैनी ददरी में पांच करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर कृषि भूमि का सर्किल रेट निर्धारित किया जा रहा है। इसी तहसील के चक अराजी खान आलम, जेलखाना, चक तेजऊ दीक्षित, चक मोहम्मद अशरफ, चकलाल मोहम्मद (बेफिकर), चक शाह गुलाम हजरत, चकराना तिवारी, चक कबरा, चकबबुरा, चक माधो दीक्षित, चक विश्वनाथ, इंदलपुर, काजीपुर, अलीमाबाद में चार करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर भूमि का सर्किल रेट निर्धारित हो रहा है।

    करछना के इन गांवों में भूमि दरें गायब

    करछना तहसील के इन गांवों की कृषि भूमि की दरें गायब हो चुकी हैं। इसके अलावा करछना तहसील के मवैया, चक निरासू, मदनुवा उपरहार, लवायन कला, मड़ौका में तीन करोड़ प्रति हेक्टेयर का सर्किल रेट लागू होगा। अरैल, चक काजी, चाका (शेष क्षेत्र), चक अताउल्ला, नेवादा समोगर, चक औमन तिवारी, सड़वा कला, महुआरी, छिवकी (शेष क्षेत्र), डभांव, मीरकपुर, चक गरीबदास व भड़रा में दो करोड़ 91 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सर्किल रेट निर्धारित किया जा चुका है।

    अब 74 लाख रुपये हो जाएगा सर्किल रेट

    इसी तरह चक दुर्गादत्त, चक गौरीशंकर, चक घनश्याम दास, चक जयसिंह की कृषि भूमि का पहले 57 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर सर्किल रेट था जो अब 74 लाख रुपये हो जाएगा। चक घिनऊ और चक देवानंद का पहले 70 लाख तो अब 91 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर सर्किल रेट होगा।

    सोरांव के गांवों का जानें सर्किल रेट

    सोरांव के फाफामऊ में चार करोड़ आठ लाख, गद्दोपुर व रंगपुरा में तीन करोड़ 94 लाख, मोरहूं उपरहार में तीन करोड़ 19 लाख, कोरसंड, गोहरी व रूदापुर में तीन करोड़ सात लाख, मलाक हरहर व बहलमपुर में दो करोड़ 63 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर सर्किल रेट होगा। सोरांव खास गांव में दो करोड़ 52 लाख, भदरी, लेहरा, हथिगहां में दो करोड़ तीन लाख, अटरामपुर उर्फ नवाबगंज, कसारी, जैतवारडिह, थरवई, निंदूरा, बड़गांव, मऊआइमा, मंसूराबाद, कौड़िहार व सुल्तानपुर खान में एक करोड़ 76 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर सर्किल रेट हो जाएगा।

    फूलपुर में दो करोड़ 80 लाख तक पहुंचेगा

    फूलपुर के हवेलिया में पहले 2.17 करोड़ तो अब 2.80 करोड़, हबुसा, अंदावा में पहले 1.99 करोड़ तो अब 2.60 करोड़ रुपये सर्किल रेट हो गया है। कटका, कनिहार, छतनाग, खानपुर, चक हरिहर, नारायण दास का पूरा में 2.60 करोड़, झूंसी कोहना, दुर्जनपुर, नैका, बंधवा ताहिरपुर, सराय तकी में 2.50 करोड़ तो कसेरुवा कला, सुदनीपुर कला, उस्तापुर महमूदाबाद व सहों में अब 2.40 करोड़ रुपये सर्किल रेट हो जाएगा।

    पहले राजमार्ग व अन्य सड़कों की थी एक दर

    पहले रजिस्ट्री में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग, लिंक मार्ग की भूमि की श्रेणी एक नहीं थी, जिसे अब अलग-अलग श्रेणियों में बाटकर सर्किल रेट निर्धारित किया जा रहा है। बैनामे के अभिलेखों में केवल सड़क किनारे दर्शाया जाता था। सिर्फ करछना तहसील में ही अलग-अलग सड़कों को श्रेणीबद्ध किया गया था। 

    नई दर से सर्किल रेट हो रहा निर्धारित : एआइजी स्टांप

    एआइजी स्टांप राकेश चंद्रा का कहना है कि जिन राजस्व गांवों की कृषि भूमि की दरों के सर्किल रेट का उल्लेख नहीं हुआ था, उनका मूल्यांकन कर नई दर के हिसाब से सर्किल रेट का निर्धारण किया जा रहा है। दिसंबर के पहले हफ्ते में नए सर्किल रेट को लागू करने की तैयारी चल रही है।