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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maha Kumbh 2025 के 10 बड़े फैक्ट्स, जो आपके लिए हो सकते हैं मददगार

Published: Sun, 19 Jan 2025 04:47 PM (IST)

Maha Kumbh 2025 महाकुंभ 2025 की शुरुआत हो चुकी है। 144 साल बाद पौष पूर्णिमा पर महाकुंभ का आगाज हुआ ...और पढ़ें

Maha Kumbh 2025: 13 जनवरी को 144 साल की प्रतीक्षा खत्म हुई. Jagran
Maha Kumbh 2025: 13 जनवरी को 144 साल की प्रतीक्षा खत्म हुई. Jagran

जागरण संवाददाता, महाकुंभ नगर । Maha Kumbh 2025: पौष पूर्णिमा 13 जनवरी को 144 साल की प्रतीक्षा खत्म हुई और महाकुंभ का प्रारंभ हो गया। सोमवार महाकुंभ प्रारंभ होने के ठीक अगले दिन मंगलवार को मकर संक्रांति पर अमृत स्नान पर्व का अनूठा संयोग जुड़ा।

संतों-महतों के शिविर जागृत हैं। पूरे मेला क्षेत्र में प्रवचन व वेद की ऋचाओं की गूंज है। मेला में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। श्रद्धालुओं कई किलोमीटर पैदल चलकर मेला क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।

40 करोड़ श्रद्धालु व पर्यटक पहुंचने की उम्‍मीद

प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि महाकुंभ में देश-विदेश से लगभग 40 करोड़ श्रद्धालु व पर्यटक आएंगे। धर्माचार्यों का मत है कि स्नान पर्वों पर संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर यथासंभव दान करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।

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गुलामी के प्रतीक शाही का अंत

मकर संक्रांति स्नान पर्व ने सनातन धर्म के क्षेत्र में नई गाथा लिखी। सदियों पुराना गुलामी का प्रतीक शाही शब्द अमृत स्नान में परिवर्तित हो गया। अखाड़ों के संतों ने पहली बार अमृत स्नान किया। शाही शब्द का प्रयोग मुगलों के कालखंड में हुआ था। उस दौर के शासकों ने सनातन धर्म की परंपरा को खत्म करने के लिए तमाम कुठाधारा घात किया था। उसकी परंपरा में उर्दू और फारसी शब्द जोड़ दिया गया। महाकुंभ से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाही शब्द की जगह अमृत स्नान करने की घोषणा की।

महाकुंभ के स्नान पर्व

  • पौष पूर्णिमा-13 जनवरी
  • मकर संक्रांति - 14 जनवरी
  • मौनी अमावस्या -29 जनवरी
  • वसंत पंचमी - 03 फरवरी
  • माघी पूर्णिमा - 12 फरवरी
  • महाशिवरात्रि - 26 फरवरी

चार हजार हेक्टेयर में फैला मेला क्षेत्र

  • 07 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं महाकुंभ मेला क्षेत्र में
  • 26 हजार करोड़ जिले व शहर में सड़कों, पुलों, बिजली-पानी पर खर्च
  • 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है 2025 के महाकुंभ में
  • 04 हजार हेक्टेयर करीब क्षेत्रफल में बसाया गया है महाकुंभ मेला
  • 25 सेक्टर में है पूरा मेला क्षेत्र, 30 पांटून पुलों का हुआ है निर्माण

तीन हजार विशेष ट्रेनें

  • 08 हजार बसें और तीन हजार विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी इस बार
  • 01 लाख जवान पुलिस, पीएसी व पैरामिलिट्री के तैनात हैं सुरक्षा में
  • 20 अस्थायी थाने, 68 पुलिस चौकी, 82 अग्निशमन केंद्र भी बने हैं
  • 07 लाख वाहनों की क्षमता वाले 112 पार्किंग स्थल
  • 2750 सीसीटीवी कैमरे से महाकुंभ मेला की निगरानी, दो कमांड सेंटर
  • महाकुंभ नगर में अब तक लगभग 14 हजार होमगार्ड के जवान तैनात

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महाकुंभ में 12 किमी में फैले घाटों पर होगा स्नान

महाकुंभ में स्नानार्थियों के लिए 12 किलोमीटर का घाट तैयार कराया गया है। कुल 44 स्नान घाट विकसित किए गए हैं। इन घाटों पर कांसा, पुआल व बालू की बोरियां लगा दी गई हैं। हर घाट पर चेंजिंग रूप के विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके अलावा मेला क्षेत्र में सभी रैन बसेरों में 25 हजार बेड की व्यवस्था की गई है।

हेल्पलाइन और सूचनाएं

  • हेल्पलाइन एडीजी जोन भानू भास्कर -9454400139
  • आईजी रेंज प्रेम गौतम - 9454400195
  • पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा- 9454400248
  • डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण -9454400681
  • एसएसपी महाकुंभ राजेश द्विवेदी-9454400626
  • एएसपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र- 9454400668
  • आपातकालीन नंबर - 112
  • मेला प्रशासन मेलाधिकारी विजय किरन आनंद - 9454410586
  • विशेष कार्याधिकारी आकांक्षा राना - 9454425115
  • अपर मेलाधिकारी दयानंद प्रसाद - 9454425135
  • अपर निदेशक चिकित्सा डा. राकेश शर्मा - 9415016591
  • मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आंशू पांडेय-9454455138
  • रेलवे टोल फ्री नंबर-18004199139
  • आरपीएफ हेल्प लाइन-139

विमान सेवाएं

  • प्रयागराज से दिल्ली-दोपहर 3.10 बजे
  • प्रयागराज से मुंबई - दोपहर 1.30 बजे
  • प्रयागराज से बेंगलुरु -दोपहर 1.20 बजे
  • प्रयागराज से हैदराबाद - दोपहर 1.15 बजे
  • प्रयागराज से इंदौर शाम 7:40 बजे
  • प्रयागराज से दिल्ली शाम 7:35 बजे
  • प्रयागराज से जयपुर शाम 6:45 बजे
  • प्रयागराज से भुवनेश्वर शाम 7.30 बजे
  • प्रयागराज से गुवाहाटी रात 9:15 बजे
  • प्रयागराज से कोलकाता रात 10:05 बजे
  • प्रयागराज से दिल्ली दोपहर 12.50 बजे
  • प्रयागराज से जयपुर सुबह 9.30 बजे

प्रयागराज जंक्शन से प्रमुख ट्रेन

  • दिल्ली और कानपुर के लिए प्रयागराज एक्सप्रेस -रात 10.15 बजे
  • हमसफर एक्सप्रेस-रात 10.30
  • वंदे भारत - सुबह 7.46
  • वंदे भारत -शाम 4.30
  • ब्रह्मपुत्र मेल- शाम 7.00
  • नेताजी एक्सप्रेस- सुबह 10.35
  • पूर्वा एक्सप्रेस - रात 9.40
  • शिवगंगा एक्सप्रेस - रात 12.30
  • पुरुषोत्तम एक्सप्रेस -शाम 7.20
  • नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस- दोपहर 12.25
  • महानंदा एक्सप्रेस - सुबह 9.20
  • कालिंदी एक्सप्रेस -अपराह्न 3.50
  • मगध एक्सप्रेस - रात 1.15
  • सीमांचल एक्सप्रेस - सुबह 11.40

रेलवे ने पहली बार चलाई 91 विशेष ट्रेन

महाकुंभ में रेलवे ने मकर संक्रांति पर 91 विशेष ट्रेनों का संचालन किया। महाकुंभ में पहली बार इतनी अधिक विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। शहर के सात रेलवे स्टेशनों से विशेष ट्रेनों का संचालन हुआ। इसके अलावा एनसीआर ने 200 ट्रेनों का, उत्तर रेलवे ने 30 व पूर्वोत्तर रेलवे ने 50 दैनिक ट्रेनों से भी यात्रियों का आवागमन आसान किया। प्रयागराज जंक्शन से 32 विशेष ट्रेन चलीं।