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    जिम्स में अब भारतीय मरीजों के डेटा से तैयार करेंगे हेल्थ सॉल्यूशन, विकसित किया जा सकेगा AI बेस्ड इलाज

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 01:17 AM (IST)

    जिम्स, ग्रेटर नोएडा में एक AI क्लीनिक का उद्घाटन किया गया है। यह क्लीनिक भारतीय मरीजों के डेटा का उपयोग करके AI-आधारित स्वास्थ्य समाधान विकसित करेगा, ...और पढ़ें

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    जिम्स इंक्यूबेशन सेंटर।

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    अर्पित त्रिपाठी, ग्रेटर नोएडा। भारतीय मरीजों के कारगर उपचार के लिए उनके डेटा से AI आधारित नवाचार तैयार किए जाएंगे। अभी तक विकसित देशों के स्वास्थ्य संबंधी शोध का ज्यादातर उपयोग होता है, जिससे उपचार पद्धति ज्यादा कारगर साबित नहीं हो पाती है। इसे ध्यान में रखते हुए जिम्स में शुक्रवार को AI क्लीनिक की शुरुआत की गई।

    अस्पतालों का डेटा भी कराएगा उपलब्ध

    इस क्लीनिक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नवाचारों को अस्पतालों का डेटा उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका अध्ययन कर बेहतर उपचार सुविधाओं को विकसित किया जा सकेगा। देश में अभी ऐसी कोई नीति नहीं है कि सरकारी अस्पताल अपना डेटा स्टार्टअप्स के साथ साझा कर सकें, लेकिन इस क्लीनिक से जुड़कर एम्स और जिम्स जैसे अस्पताल डेटा उपलब्ध करा सकेंगे।

    आईआईटी, एनआईटी समेत प्राइवेट काॅलेज भी क्लीनिक से जुड़कर अपनी तकनीकी दक्षता के जरिये नवाचारों को विकसित करने में मदद करेंगे। माॅनिटरिंग कमेटी और AI विशेषज्ञ आवेदन करने वाले नवाचारों पर मंथन करेंगे और व्यावहारिक होने पर ही डेटा साझा किया जाएगा।

    GIMS-AI-Openning

    जिम्स के सभागार में एआइ क्लीनिक के शुभारंभ के मौके पर उपस्थित निदेशक ब्रिगेडियर डा. राकेश गुप्ता व इंक्यूबेशन सेंटर के सीईओ डा. राहुल कुमार सिंह। जागरण

    सटीक इलाज देने में बनेगा सहायक

    भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एडिशनल डायरेक्टर जनरल आफ हेल्थ सर्विसेज डाॅ. सुजाता चौधरी ने क्लीनिक का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इंक्यूबेशन सेंटर के सीईओ डाॅ. राहुल कुमार सिंह ने बताया कि AI क्लीनिक में जो डेटा स्टार्टअप्स को उपलब्ध होगा, वह देश का अपना होगा। डेटा में मरीज की जेनेटिक हिस्ट्री, बीमारी का कल्चर या पैटर्न आदि का अध्ययन किया जाएगा, जिससे सटीक इलाज उपलब्ध हो सकेंगी।

    चिकित्सकों की मदद से AI सॉल्यूशन किया जाएगा डिजाइन

    जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डा. राकेश गुप्ता ने कहा कि AI क्लीनिक की शुरुआत समय की आवश्यकता है, ताकि नवाचार सीधे मरीजों और चिकित्सकों तक पहुंच सके। छह जनवरी को क्लीनिक को फिजिकल लांच किया जाएगा। क्लीनिक में मेडिकल इमेजिंग, क्लीनिकल सपोर्ट सिस्टम, डेटा-आधारित स्वास्थ्य समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप्स को सहयोग दिया जाएगा। चिकित्सक की मदद से AI साल्यूशन को डिजाइन किया जाएगा। क्लीनिकल वर्क फ्लो में टेस्ट कर नैतिक रूप से स्वीकृत कर सरकारी अस्पतालों में लागू करने के लिए तैयार किया जाएगा।

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