Mahakumbh 2025: महाकुंभ में रोडवेज बस दौड़ाओ और इनाम पाओ...उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने दी स्पेशल स्कीम
Mahakumbha Mela 2025 महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक नगरी तक पहुंचाने के लिए रोडवेज विभाग ने कमर कस ली है। चालक-परिचालकों के लिए महाकुंभ विशेष प्रोत्साहन योजना लाई गई है। इसमें बस दौड़ाओ और इनाम पाओ के तहत डिपो से बसों का संचालन होगा। एक चालक-परिचालक को कम से कम 300 किलो मीटर तक बसों को संचालित करना होगा।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। महाकुंभ मेला को लेकर रोडवेज विभाग ने कमर कस ली है। श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों को आध्यात्मिक नगरी तक पहुंचाने के लिए रोडवेज निगम की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसको लेकर मुख्यालय ने चालक-परिचालकों के लिए महाकुंभ विशेष प्रोत्साहन योजना लाया है। इसमें बस दौड़ाओ और इनाम पाओ के तहत डिपो से बसों का संचालन होगा।
मुख्य गंगा स्नान को लेकर अधिकारियों को सतर्क किया गया है। योजना में एक चालक-परिचालक को कम से कम 300 किलोमीटर तक बसों को संचालित करना होगा।
प्रयागराज महाकुंभ मेला के कारण चालक-परिचालकों की छुट्टी पर रोक
एआरएम प्रभात सिन्हा ने बताया कि महाकुंभ मेला को लेकर रोडवेज डिपो से 130 बसें मांगी गई हैं, इसी तरह से खतौली डिपो से भी बसें जाएंगी। यह बसें गंगा स्नान से पूर्व प्रयागराज जाएंगी। जिससे यात्रियों के साथ श्रद्धालुओं की राह आसान हो सके। इसके साथ ही चालक-परिचालक और कर्मचारियों के लिए भी महाकुंभ मेला में व्यवस्था बनाने के लिए प्रोत्साहन योजना लागू होगी। जिसमें नियम और शर्ते तय की गई है। इनके अधीन कार्य करने वाले चालक-परिचालक, कर्मचारियों को वेतन के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।
यह है महाकुंभ की प्रोत्साहन योजना
26 जनवरी से दिनांक पांच फरवरी तक कुल 11 दिवस की मुख्य महाकुंभ मेला अवधि में ऐसे चालक-परिचालक जिनके द्वारा 300 किलोमीटर या इससे अधिक का औसत प्रतिदिन का संचालन मेला की बसों में किया जाएगा। उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से प्रोत्साहन मिलेगा।
ये मिलेगी प्रोत्साहन राशि
- 11 दिन की ड्यूटी एवं न्यूनतम 3300 किमी तक संचालन पर 2200 रुपये।
- 09 दिन की ड्यूटी एवं न्यूनतम 2700 किमी तक संचालन पर 1800 रुपये।
- 07 दिन की ड्यूटी एवं न्यूनतम 2100 किमी तक संचालन पर 1400 रुपये।
- मेले में नियमित ड्यूटी करने पर कर्मी को 200 प्रतिदिन के हिसाब से प्राेत्साहन।
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महाकुंभ में अमृत स्नान के लिए पहुंचेंगे बड़ी संख्या में श्रद्धालु
महाकुंभ में अमृत स्नान में स्नान करने का अधिक महत्व है। अमृत स्नान में सबसे पहले साधु संत स्नान करते हैं, जिसके बाद श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि महाकुंभ में स्नान करने से सभी पापों से छुटकारा मिलता है। साथ ही दुख और दर्द दूर होते हैं। महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरूआत 28 जनवरी को शाम को 07 बजकर 35 मिनट से होगी और तिथि का समापन 29 जनवरी को शाम को 06 बजकर 05 मिनट पर होगी। ऐसे में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या मनाई जाएगी।
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