यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रामपुर नवाब खानदान की 112 एकड़ जमीन पर प्रदेश सरकार की नजर, कोर्ट में विचाराधीन है मामला
Rampur Nawab Family जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव अग्रवाल का कहना है कि सीलिंग की जमीन पर कब्जे के लिए सरकार ...और पढ़ें

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। रामपुर नवाब खानदान की 112 एकड़ जमीन पर प्रदेश सरकार की नजर है। सरकार इसे सीलिंग की जमीन बता रही है। इसके लिए सरकार की ओर से जिला जज की कोर्ट में प्रार्थना पत्र भी दिया गया था, लेकिन कोर्ट ने मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए कोई फैसला नहीं दिया।
नवाब खानदान की संपत्ति के बंटवारे को लेकर 1972 से मुकदमेबाजी चल रही है। कुल 2600 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। इसमें 1073 एकड़ जमीन है। संपत्ति में 18 हिस्सेदार हैं। उनमें दो की मुकदमेबाजी के दौरान ही मौत हो गई, अब 16 बचे हैं। इनमें ही सारी संपत्ति का बंटवारा होना है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई 2019 को शरीयत के हिसाब से बंटवारा करने के आदेश देते हुए सभी का हिस्सा भी तय कर दिया था। बंटवारे की जिम्मेदारी जिला जज को सौंपी गई। दो दिन पहले उन्होंने हिस्से का बंटवारा करते हुए सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट भेज दी। जिला जज ने बंटवारे को लेकर जो आदेश दिया, उसमें सीलिंग की जमीन को लेकर कोई फैसला नहीं सुनाया, बल्कि मामला पहले ही कोर्ट में विचाराधीन होने का उल्लेख कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव अग्रवाल का कहना है कि सीलिंग की जमीन पर कब्जे के लिए सरकार ने पहले ही कार्रवाई कर दी है। इसे लेकर नवाब खानदान कोर्ट में गया। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए इस मामले में हाईकोर्ट में अर्जी लगाई जाएगी, जिसमें जिला जज के आदेश का भी हवाला दिया जाएगा। वह सरकार को भी पूरे प्रकरण से अवगत कराएंगे।
