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    200 मीटर की दूरी और मच गया हड़कंप: मुरादाबाद मंडल के DRM की छुट्टी, जानें क्या था पूरा मामला

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 07:49 PM (IST)

    खुर्जा जंक्शन पर पैसेंजर और मालगाड़ी के आमने-सामने आने की गंभीर घटना के बाद रेलवे मुख्यालय ने सख्त कार्रवाई की है। मुरादाबाद मंडल के डीआरएम संग्रह मौर ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। विगत 28 दिसंबर को खुर्जा जंक्शन व खुर्जा सिटी स्टेशन के बीच पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी के आमने-सामने आने की गंभीर घटना पर रेलवे मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। इस प्रकरण को गंभीर लापरवाही मानते हुए मुरादाबाद मंडल के डीआरएम संग्रह मौर्य को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह नए डीआरएम के रूप में राजकुमार सिंह ने शुक्रवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया।

    राजकुमार सिंह इससे पहले भी करीब पांच महीने पूर्व मुरादाबाद मंडल में डीआरएम रह चुके हैं। वहीं संग्रह मौर्य को उनके मूल कैडर इंडियन रेलवे सर्विस आफ इंजीनियर्स (आइआरएसई) में वापस भेज दिया गया है। हालांकि इस घटना की जानकारी देने से अधिकारी बचते नजर आ रहे हैं। वहीं कई और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

    बताया गया कि 28 दिसंबर की शाम सात बजे खुर्जा जंक्शन और खुर्जा सिटी के बीच यह स्थिति बनी, पैसेंजर ट्रेन आउटर पर खड़ी थी, जबकि मालगाड़ी प्लेटफार्म पर मौजूद थी। इस दौरान पैसेंजर ट्रेन प्लेटफार्म की ओर आगे बढ़ी और दोनों ट्रेनों के बीच दूरी मात्र करीब 200 मीटर रह गई। पैसेंजर ट्रेन की गति लगभग 15 किमी प्रति घंटा बताई गई। लोको पायलट ने सामने खड़ी मालगाड़ी को समय रहते देख लिया और तत्काल ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा बच गया।

    एसएनटी व स्टेशन स्टाफ की भूमिका पर उठे सवाल

    यह बात सामने आ रही है कि एसएनटी (सिग्नल एवं दूरसंचार) विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी बदलने के दौरान आपसी संवाद में कमी रही। इसके अलावा स्टेशन मास्टर और संबंधित स्टाफ की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

    जानकारों का कहना है कि सिग्नल और ट्रेन संचालन से जुड़े मानकों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ, जिससे यह स्थिति बनी। घटना के दिन उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) भी मुरादाबाद में मौजूद थे और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निरीक्षण पर आए हुए थे। सूचना मिलते ही डीआरएम संग्रह मौर्य मौके पर पहुंचे और कंट्रोल रूम से लगातार संपर्क बनाए रखा गया।

    अधिकारी साध रहे चुप्पी

    नए डीआरएम राजकुमार सिंह ने चार्ज लेते ही इस घटना की जांच शुरू करा दी है। हालांकि डीआरएम कार्यालय के अधिकारी घटना को लेकर स्पष्ट जानकारी देने से बचते नजर आए। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने डीआरएम को हटाए जाने को सीधे तौर पर इस घटना से जोड़ने से इन्कार किया है।

    बताया कि नए डीआरएम को रेलवे मुख्यालय ने देखरेख के लिए भेजा है और आगे की स्थिति मुख्यालय के निर्देशों पर निर्भर करेगी। रेलवे सूत्रों की मानें, तो जांच के बाद इस मामले में अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

     

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