UP News: अब फ्लैशर लाइट लगा नहीं गांठ सकेंगे रौब, डीएम ने हटाने के दिये निर्देश
मुरादाबाद में डीएम अनुज सिंह ने प्रशासनिक अफसरों द्वारा वेंडर की गाड़ियों के इस्तेमाल पर सख्ती दिखाई है। फ्लैशर लाइट के दुरुपयोग को देखते हुए उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि वेंडर की किसी भी गाड़ी में फ्लैशर लाइट नहीं लगेगी। बिलारी में एक घटना सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया, जिसमें ड्राइवर गाड़ी लेकर घर चला जाता था और फ्लैशर लाइट का गलत इस्तेमाल होता था। डीएम ने वेंडरों को चेतावनी दी है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मजिस्ट्रेट लिखी गाड़ी में फ्लैशर लाइट संग रील हुई थी प्रसारित। प्रतीकात्मक
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद । जिले में तमाम प्रशासनिक अफसर वेंडर की ओर से उपलब्ध कराई गाड़ी से चलते हैं। अफसरों को छोड़ने के बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर घर चला जाता है। इस बीच फ्लैशर लाइट लगी गाड़ियों से रौब गांठा जाता है। बिलारी में ऐसा ही घटनाक्रम सामने आने के बाद डीएम अनुज सिंह ने सख्त कदम उठाया है।
उन्होंने निर्देश जारी किये कि वेंडर की ओर से उपलब्ध कराई गईं किसी भी गाड़ी में फ्लैशर लाइट नहीं लगाई जा सकेगी। यह भी स्पष्ट किया कि वेंडर की ओर से गाड़ी के जो भी ड्राइवर उपलब्ध कराया जाए, वह गंभीर हो। दोबारा ऐसा कृत्य सामने आने पर संबंधित वेंडर के विरुद्ध सीधे तौर पर कार्रवाई की जाएगी। इधर, प्रकरण के बाद संबंधित गाड़ी के ड्राइवर को हटा दिया गया है।
दरअसल, पाकबड़ा निवासी खेमपाल सिंह की बोलेरो गाड़ी से बिलारी में तैनात तहसीलदार न्यायिक चलते थे। गाड़ी प्राइवेट वेंडर की ओर से उपलबध कराई गई थी। रात में ड्राइवर गाड़ी साथ लेकर आ जाता था। इस बीच शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर एक रील प्रसारित हुई। जिसमें मजिस्ट्रेट लिखी गाड़ी की फ्लैशर लाइट जला कुछ युवक रौब गांठ रहे थे। मजिस्ट्रेट लिखी गाड़ी होने के चलते खलबली मच गई।
पुलिस ने जांच शुरू की। तब पूरा घटनाक्रम सामने आया। पता चला कि प्राइवेट वेंडर की ओर से उपलब्ध कराई गई संबंधित गाड़ी से तहसील बिलारी में तैनात तहसीलदार न्यायिक चलते थे। उन्हें घर छोड़ने के बाद चालक गाड़ी लेकर पहुंचा था। उसी दौरान उसके दोस्तों ने रील बनाई। डीएम अनुज सिंह ने बताया कि निर्देश जारी किये गए हैं कि किसी भी प्राइवेट वाहन में फ्लैशर लाइट नहीं लगाई जाएगी। साथ ही संबंधित वेंडर को भी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि गाड़ी के लिए जो भी चालक उपलब्ध कराया जाए, वह गंभीर हो। ऐसी अनुशासनहीनता अक्षम्य है।

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