इंदौर हादसे से जागा मुरादाबाद: जलकल विभाग ने 6 इलाकों से लिए पानी के सैंपल, लखनऊ भेजी रिपोर्ट
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मुरादाबाद का जलकल विभाग सतर्क हो गया है। राज्यव्यापी जांच निर्देशों के तहत, विभाग ने शहर के छह विभिन्न स्थानो ...और पढ़ें

जांच के लिए सैंपल भरते हुए
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की घटना को नगर निगम का जलकल विभाग भी शनिवार को अलर्ट हो गया। शासन स्तर पर प्रदेश भर में जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। जिससे शनिवार को अलग-अलग छह स्थानों से पेयजल आपूर्ति के नमूने लिए गए। जलकल विभाग की टीम ने पीएमएस स्कूल, सूर्य नगर, रामतनैया, विकास नगर, हनुमान नगर व सिविल लाइंस से पेयजल के नमूने लेकर लखनऊ लेबोरेट्री जांच के लिए भेजे गए हैं। शहर के कई क्षेत्रों में दूषित पानी आने की शिकायतें आए दिन मिलती हैं।
पहले से भी हर महीने चार क्षेत्राें से लखनऊ लेबोरेट्री में पेयजल के नमूने भेजे जाते रहे हैं। लेकिन, जांच रिपोर्ट में पेयजल पीने योग्य पाए जाने की रिपोर्ट आती है। शहर में कई जगह पीला पानी आने की समस्या के बाद भी जांच रिपोर्ट में पीने योग्य पानी आने की रिपोर्ट पर सवाल उठते हैं। हर महीने चार नमूने अलग-अलग क्षेत्रों में घरों की टोटियों से पानी लेकर जांच को भेजे जाते हैं।
सहायक अभियंता अशोक कुमार के मुताबिक फिलहाल शहर में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य है। यह लखनऊ की जांच में पानी के नमूने भेजने के बाद आया है। फिर भी एहतियात के तौर पर निगरानी लगातार जारी रहती है। पानी में आरसेनिक, लैड, फास्फोरस, आयरन समेत अन्य तत्व पाए जाते हैं तब पानी दूषित होता है। लेकिन, जांच अभी ठीक पाया जा रहा है।
केस- 1 -: गांधी नगर में पीला पानी आने की समस्या दो महीने आई थी। वह अब भी पूरी तरह ठीक नहीं हुई। दो महीने पहले लोगों ने शिकायत की थी घरों में पीला पानी आ रहा है। तब एक मिनी नलकूप से आपूर्ति शुरू की गई थी। जिसके बाद पीला पानी आना बंद हुआ था।
केस- 2 -: सूर्य नगर, सरिता नगर, विकास नगर में भी पीला पानी आने की समस्या रहती है। आए दिन दुर्गंध के कारण लोग नलकूप से पानी भरकर लाते हैं। यहां भी नया नलकूप प्रस्तावित है। लेकिन, जमीन न मिलने से अभी नलकूप नहीं बना है।
केस- 3 -: करूला के रहमतनगर, इंद्रा चौक में भी गंदा पानी आने की समस्या रहती है। एक साल पहले एक पार्षद द्वारा बोतल में गंदा पानी लेकर बोर्ड की बैठक में भी दिखाया जा चुका है।
कई साल पेयजल में आ चुके हैं भूरे बाल व लाल रंग
मुरादाबाद: छह साल पहले धीमरी गांव में पेयजल में भूरे बाल व दुर्गंध की समस्या आई थी। जिससे धीमरी में लोगों ने पेयजल आपूर्ति का पानी पीना बंद कर दिया था। तब जांच के बाद ओवर टैंक की जांच की गई तो ऊपरी ढक्कन खुला होने से मरा हुआ बंदर मिला था। जिससे ओवर हेड टैंक की सफाई कराई गई थी और उस क्षेत्र की पूरी पाइप लाइन बदली गई थी।
सात साल पहले पीतल नगरी में एक त्योहार के दिन लाल रंग पाइप लाइन में आया था। इससे भी नगर निगम में हड़कंप मच गया था। तब भी सामने आया था कि पानी की लाइन नाले के पास से गुजर रही थी, लीकेज होने पर लाल रंग पानी घरों में आया था। तब भी उस क्षेत्र की पानी की पाइप लाइन बदली गई थी।

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