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    टेलीग्राम और गेमिंग ऐप के चक्कर में उड़े 76 लाख, ठगी के गम में पीड़ित ने किया सुसाइड का प्रयास

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 03:43 AM (IST)

    मुरादाबाद में साइबर ठगों ने दो लोगों से निवेश के नाम पर करीब 76 लाख रुपये ठग लिए। एक मामले में टेलीग्राम पर अधिक मुनाफे का लालच देकर 18 लाख रुपये हड़प ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। जिले के लोगों को मुनाफे का लालच भारी पड़ रहा है। लगातार निवेश के नाम पर हो रही ठगी के बाद भी लाेग ठगों के झांसे में आ जा रहे हैं। स्थिति यह है कि एक बार फिर दो लोगों से ठगों ने निवेश के नाम पर करीब 76 लाख रुपये ठग लिए। दोनों मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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    निवेश के नाम पर 18 लाख रुपये की ठगी

    मझोला क्षेत्र के प्रकाश नगर निवासी अंकुश कुमार ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि उसके चचेरे भाई महेश ने टेलीग्राम पर आइडी बना रखी है। टेलीग्राम पर सीता माय लाइफ नाम से बनी आइडी से महेश के पास मैसेज आया और निवेश कराने के नाम पर अधिक मुनाफा कराने का झांसा दिया। अंकुश ने निवेश के लिए तैयार हो गया।

    इसके बाद एजेंट ने वाट्सएप पर काल की। टेलीग्राम पर एक लिंक भेजकर एप डाउन लोड करा दिया। इसके बाद पीड़ित की आइडी भी बना दी गई। जिस पर साइबर ठगों ने रुपये जमा कराने शुरू कर दिए। अलग अलग तारीख में अलग अलग खातों में 18 लाख 12 हजार जमा करा दिए। इसके बाद अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो रुपये नहीं निकल पाए।

    उन नंबरों पर संपर्क किया। जिन्होंने रकम ट्रांसफर कराई थी तब उन्होंने बताया कि तीन- तीन लाख रुपये निकालने थे अब उन्हें सिक्योरिटी के छह लाख रुपये और जमा करने होंगे। इसके बाद समझ में आ गया कि उसके साथ साइबर ठगी हो गई है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

    युवक से ठगे 58 लाख रुपये

    भोजपुर क्षेत्र के घास मंडी नई बस्ती निवासी मुहम्मद फइम ने साइबर क्राइम पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि दो जनवरी 2025 से 28 अप्रैल 2025 के बीच साइबर ठगों ने उसे कीवा कइन गेम एप्लीकेशन में पैसा लगाने पर भारी मुनाफे का लालच दिया। झांसे में आकर उधार लेकर और आभूषण गिरवी रखकर लाखों रुपये एप में निवेश कर दिए।

    साइबर ठगों ने यह रकम विभिन्न यूपीआइ आइडी और बैंक खातों के माध्यम से अपने पास ट्रांसफर कराई। जांच में सामने आया कि स्टेट बैंक खाते से 10,24,250 रुपये तथा एचडीएफसी बैंक खाते से 14,46,850 रुपये साइबर अपराधियों के खातों में अंतरित किए गए। इसके अतिरिक्त करीब 32,64,100 रुपये जन सुविधा केंद्र संचालक के माध्यम से अलग-अलग तरीकों से ट्रांसफर किए गए, जिसकी पूरी जानकारी अभी जुटाई जा रही है।

    28 अप्रैल 2025 को ठगी का एहसास होने पर वह गहरे अवसाद में चला गया और बिना बताए घर से लापता हो गया। लगभग 26 दिनों बाद वह किसी तरह वापस लौट सका। इस दौरान वह मानसिक प्रताड़ना से गुजरता रहा और कई बार खुदकुशी का प्रयास भी किया। पुलिस ने शिकायती पत्र के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एसपी क्राइम सुभाषचंद्र गंगवार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

     

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