आजम खां को राहत: 7 साल पुराने मामले में 20 करोड़ रुपये सेस लगाने का आदेश निरस्त, जौहर यूनिवर्सिटी से कनेक्शन
Azam Khan News सपा महासचिव आजम खां को बड़ी राहत मिली है। उनके मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट के अधीन जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य पर 20 करोड़ रुपये सेस लगाने के आदेश को कमिश्नर कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। कमिश्नर ने कहा है कि विवेचना के आधार पर पक्षों को साक्ष्य एवं सुनवाई का अवसर दिया जाए।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। सपा महासचिव आजम खां को कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह के कोर्ट से राहत मिली है। उनके मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट के अधीन जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य पर 20 करोड़ रुपये सेस लगाने के सहायक श्रमायुक्त को आदेश को निरस्त कर दिया गया है। कमिश्नर ने आदेश में कहा है कि विवेचना के आधार पर पक्षों को साक्ष्य एवं सुनवाई का अवसर दिया जाए। गुण-दोष के आधार पर पुन: आदेश पारित करना सुनिश्चित करें।
रामपुर के सहायक श्रमायुक्त की अदालत ने बिल्डिंग एंड अदर्स कंसट्रक्शन वेलफेयर सेस एक्ट के तहत 28 सितंबर, 2018 को 20 करोड़ रुपये के सेस लगाया था। आरोप था कि जौहर यूनिवर्सिटी की लागत दो हजार करोड़ है। इस कारण 20 करोड़ सेस बनता है। इसके खिलाफ आजम खां की ओर से कमिश्नर कोर्ट में अपील दायर की गई थी। उनका कहना था कि यूनिवर्सिटी की लागत कम है। उन्हें सुनवाई का भी अवसर नहीं दिया है।
रामपुर के सहायक श्रमायुक्त के आदेश को निरस्त कर दिया
केस की सुनवाई करते हुए गुरुवार को कमिश्नर आंजेनय कुमार सिंह की अदालत ने रामपुर के सहायक श्रमायुक्त के आदेश को निरस्त कर दिया। कमिश्नर कोर्ट ने माना कि अवर न्यायालय द्वारा पारित आदेश नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है। अपीलार्थी के तर्कों में पर्याप्त बल पाया जाता है। आजम खां के अधिवक्ता का कहना था कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर एक पंजीकृत संस्था है, जो रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटी एवं चिट्स, लखनऊ के कार्यालय में पंजीकृत है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।