विंंध्याचल में ट्यूबवेल पर मिला सांपों का भंडार गृह, देखकर आप भी आ जाएंगे दहशत में, देखें वीडियो...
मीरजापुर के अकोढ़ी गांव में बाढ़ के दौरान एक ट्यूबवेल पर सांपों का ढेर देखकर गांव में हड़कंप मच गया। जौनपुर के मुरलीवाले हौसला ने 14 सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ा। राजेश मौर्या ने ट्यूबवेल के पास सांपों को देखकर मुरलीवाले को बुलाया। मुरली ने धामन करैत चितल जैसे सांपों को रेस्क्यू किया।

जागरण संवाददाता, मीरजापुर। विंध्याचल के अकोढ़ी गांव में बाढ़ के दौरान एक ट्यूबवेल पर सांपों का इतना ढेर देखने को मिला कि जिसने भी देखा वह दहशत में आ गया। इस घटना ने गांव में हड़कंप मचा दिया।
देखें वीडियो :
#Mirzapur में विंध्याचल के अकोढ़ी गांव के एक ट्यूयबेल पर सांपों का मानो भंडार गृह ही मिल गया। सापों को बचाने के लिए मशहूर जौनपुर के रहने वाले मुरलीवाले हौसला ने राजेश मौर्या के ट्यूबवेल की खिड़की व कमरे में से 14 सांपों को पकड़ने में सफलता पाई। pic.twitter.com/kvki3xL5Wu
— Abhishek sharma (@officeofabhi) August 30, 2025
हालांकि, जौनपुर के मशहूर जीव-जंतु रेस्क्यू करने वाले मुरलीवाले हौसला ने बड़ी मशक्कत से उनमें से 14 सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ा तो लोगों ने राहत की सांस ली है।
राजेश मौर्या, जो अकोढ़ी गांव के निवासी हैं, उन्होंने बताया कि उनके खेत में एक ट्यूबवेल है, जिसके पास दो पेड़ हैं। इस ट्यूबवेल पर लगभग 100 से अधिक गौरैया निवास करती हैं। बाढ़ के पानी के बढ़ने के बावजूद, वह इन पक्षियों को दाना देने गए थे। जब उन्होंने देखा कि ट्यूबवेल के कमरे की खिड़की, पेड़, ईख पेरने वाली मशीन और कमरे में कई सांप बैठे हैं, तो वह डर गए। इस स्थिति को देखकर उन्होंने तुरंत वहां से निकलकर अपने घर की ओर दौड़ लगाई।
यह भी पढ़ें : पैनेसिया अस्पताल के डाक्टर के यहां मिला अवैध पानी-फूड सप्लीमेंट कारोबार, आयुष्मान फर्जीवाड़े में हो चुका है निलंबन
राजेश ने फिर मुरलीवाले हौसला को फोन किया और उनसे रेस्क्यू करने की अपील की। मुरली ने तुरंत अकोढ़ी गांव की ओर प्रस्थान किया। उन्होंने मुख्य सड़क से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी तय करके घटना स्थल पर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने ट्यूबवेल की खिड़की में बैठे आठ सांपों को निकाला और उन्हें एक झोले में सुरक्षित रखा। इसके बाद, कमरे में मौजूद चार सांपों को भी निकाला गया। इसके अतिरिक्त, एक पेड़ और एक झाड़ी से भी सांपों को बाहर निकाला गया।
इस रेस्क्यू में धामन, करैत, चितल जैसे विभिन्न प्रकार के सांप शामिल थे। इतनी बड़ी संख्या में सांपों को देखकर गांव के लोग भी चिंतित हो गए थे। मुरली ने सभी सांपों को सुरक्षित झोले में रखकर जंगल में ले जाकर छोड़ दिया। इस रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे लोगों में मुरली की सराहना हो रही है।
यह भी पढ़ें : वाराणसी में गोदौलिया रोपवे स्टेशन का काम 12 दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य, देखें तस्वीरें...
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा जीव-जंतुओं की सुरक्षा करना है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में ट्यूबवेल में घुस गए थे। ऐसे में उनका रेस्क्यू करना आवश्यक था। इस घटना ने यह भी दर्शाया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जीव-जंतु भी संकट में आ जाते हैं। ऐसे में मानवता का कर्तव्य बनता है कि हम उनकी सुरक्षा करें। मुरली की इस पहल ने न केवल सांपों की जान बचाई, बल्कि गांव के लोगों को भी जागरूक किया कि हमें प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।
इस प्रकार, अकोढ़ी गांव में हुई यह घटना न केवल एक रेस्क्यू आपरेशन था, बल्कि यह एक संदेश भी था कि हमें सभी जीवों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए। मुरली का यह कार्य निश्चित रूप से प्रेरणादायक है और हमें भी ऐसे कार्यों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।