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    सरकारी धन हड़पने को स्वास्थ्य कर्मी ने परिवार के लोगों को बना दिया 'TB का रोगी', पाेल खुलने की वजह भी हैरान करने वाली

    By Pankaj Tyagi Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 01:14 PM (IST)

    Meerut News: परीक्षितगढ़ सीएचसी में क्षय रोग विभाग के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर जुनैद जब्बार ने स्वजन को फर्जी टीबी मरीज दिखाकर लाखों रुपये का सरकारी ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक फोटो

    जागरण संवाददाता, मवाना (मेरठ)। परीक्षितगढ़ सीएचसी में क्षय रोग विभाग में तैनात सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस) ने फर्जी क्षय रोगी दर्शाकर सरकारी धन का हेरफेर किया। यह राशि लाखों में हो सकती है।
    विभागीय जांच में दोषी पाने पर गुरुवार को परीक्षितगढ़ थाने पर आरोपित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हालांकि अभी 40 फर्जी खातों की जांच होना बाकी है। उधर, गिरफ्तारी के डर से आरोपित छह दिन से ड्यूटी पर नहीं आया है। मामले में आरोपित के दिल्ली निवासी भाई के साले ने डीएम व सीएमओ से शिकायत की थी।

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    किठौर कस्बा निवासी जुनैद जब्बार 10 साल से परीक्षितगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर क्षय रोग विभाग में एसटीएस है। राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत क्षय रोगी को सीएचसी से दवा मुफ्त मिलती हैं और खाने-पीने के लिए प्रतिमाह 500 रुपये के हिसाब से छह माह तक तीन हजार रुपये दिए जाते हैं। जुनैद ने उक्त राशि हड़पने के लिए स्वजन, संबंधी और रिश्तेदारों को फर्जी तरीके से क्षय रोगी बना दिया।

    आरोपित उनके खाते में आने वाली धनराशि को अपने खाते में ट्रांसफर करा लेता था। उक्त मामले की शकीब अहमद निवासी बी-146, जैदी वाली गली मंडावली फाजलपुर, दिल्ली ने शिकायत की तो सीएमओ डा. अशोक कटारिया ने आरोपित के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी। मामले में जिला क्षय रोग अधिकारी विपुल कुमार शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष बिसारिया समेत अन्य ने जांच की तो जुनैद के स्वजन बसीलानाज पत्नी लियाकत हुसैन के पीएनबी के खाते में 20 जनवरी 2024 को दो हजार रुपये की राशि विभाग द्वारा डाली गई।

    वहीं, उसी दिन यह राशि जुनैद के खाते में ट्रांसफर होना मिला। इसी तरह अब्दुल जब्बार के खाते में तीन हजार रुपये की राशि विभाग द्वारा डाली गई और फिर उसी दिन यह राशि भी ट्रांसफर कर दी गई। उक्त मामले में विधिक राय ली गई तो आरोपित सरकारी धनराशि गबन का दोषी पाया गया।

    जिस पर जिलाधिकारी डा. वीके सिंह ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए। सीएचसी प्रभारी परीक्षितगढ़ डा. शिवशंकर शर्मा ने आरोपित के खिलाफ 26 दिसंबर को थाने में तहरीर दी। गुरुवार को उक्त मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। एसओ सुदीश कुमार ने बताया कि जांच की जा रही है।

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    40 रोगियों की जांच अभी बाकी

    सीएचसी से अभी 40 फर्जी रोगियों की सूची और तैयार की गई है, जिनके संबंध भी एसटीएस से हैं। वह भी उससे जुड़े रोगी हैं। माना जा रहा है कि आरोपित के स्वजन, संबंधी व रिश्तेदार हैं और उनके खाते भी बैंकों में खुले हैं। जल्द ही यह जांच भी पूरी की जाएगी। जांच में आरोपित की तैनाती के 10 वर्ष की भी जांच की जाएगी।

    बहन के ससुरालियों से रिश्ते बिगड़े तो गबन हुआ उजागर

    दिल्ली निवासी शकीब की बहन जुनैद के भाई की पत्नी है। कुछ माह से उसके रिश्ते ससुरालियों से सही न होने पर वह मायके में रह रही है। उसने सारा मामला स्वजन को बताया तो शकीब ने डीएम व सीएमओ से शिकायत की।

    इन्होंने कहा....

    सरकारी पैसे के गबन के मामले में एसटीएस जुनैद जब्बार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जल्द ही उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
    - डा. अशोक कटारिया, सीएमओ