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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेरठ का फर्जी मैरिज ब्यूरो, ग्राहक फंसाने को रखी थीं युवतियां, मांगते थे 10 हजार फीस और लड़की के लिए पायल

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
Published: Mon, 08 May 2023 11:40 AM (IST)

Meerut News शादी के नाम पर युवक और युवतियों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश। तीन युवतियों को पुलिस ने ...और पढ़ें

मैरिज ब्यूरो में काम करने वाली महिलाएं पुलिस की गिरफ्त में। जागरण
मैरिज ब्यूरो में काम करने वाली महिलाएं पुलिस की गिरफ्त में। जागरण

मेरठ, जागरण संवाददाता। शादी के नाम पर युवक और युवतियों को ठगने वाले मैरिज ब्यूरो का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने तीन युवतियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि ब्यूरो संचालक दो युवकों की तलाश की जा रही है। गाजियाबाद निवासी युवक की शिकायत पर कार्रवाई हुई है। कुछ समय पहले भी मेडिकल क्षेत्र में मैरिज ब्यूरो पकड़ा गया था।

वेबसाइट पर जानकारी की थी साझा

गाजियाबाद के विजय नगर थानाक्षेत्र के प्रताप विहार निवासी रामानंद पाठक ने बताया कि उन्होंने एक वेबसाइट पर अपनी शादी की जानकारी अपलोड की थी। करीब एक माह पहले उनके पास आशु नाम के युवक का फोन आया। उसने कहा कि मेरठ में पीवीएस के पीछे उनका शादी संगीत के नाम से कार्यालय है। रामानंद दो मई को स्वजन संग मैरिज ब्यूरो कार्यालय पहुंचे तो वहां पर आशु के साथ ही चिराग नाम का युवक था। शादी की बात शुरू हुई तो आशु ने कार्यालय में मौजूद हिमानी, शिवानी, साक्षी और कनिका लड़की दिखाई। उनको शिवानी पसंद आ गई थी।

एक हजार रुपये रजिस्ट्रेशन और दस हजार रुपये की फीस

इसके बाद आशु ने कहा कि एक हजार रुपये रजिस्ट्रेशन, 10 हजार रुपये फीस और लड़की को पायल देनी होगी। उन्होंने रुपये और पायल दे दिए, जिसके बाद उनको पांच दिन बाद आने के लिए कहा। उन्होंने फोन किया तो पहले मोबाइल बंद आया। बाद में आशु से बात हुई तो तेजगढ़ी पर एक होटल में बुलाया। जब वह पहुंचे तो वहां पर आशु के साथ ही चिराग और तीन लड़कियां हिमानी, साक्षी व कनिका थीं। उन्होंने शादी के बारे में बात किया तो आरोपितों ने मना कर दिया।

रुपये मांगने पर कर दी पिटाई

उन्होंने रुपये मांगे तो पिटाई कर दी। कहा कि वह लोगों से ठगी करते हैं। इसी बीच किसी ने कंट्रोल रूम को फोन कर दिया। पुलिस पहुंचने से पहले ही आशु और चिराग भाग गए थे। सीओ सिविल लाइंस अरविंद चौरसिया ने बताया कि रामनंद की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सराय मोड निवासी हिमानी, साक्षी और जागृति विहार सेक्टर पांच की कनिका को गिरफ्तार कर लिया। आशु व चिराग की तलाश है।

रुपये लेते ही फोन बंद कर देते थे आरोपित

थानाध्यक्ष योगेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपित करीब तीन माह से कार्यालय खोलकर कार्य कर रहे थे। वह जैसे ही किसी से रुपये लेते थे, तो नंबर बंद कर लेते थे। इसके बाद उससे संपर्क नहीं करते थे। यदि वह कार्यालय आता था, तो किसी बहाने से टरका देते थे। इस बार भी उन्होंने कार्यालय बंद कर दिया था। रामानंद से तो वह होटल में मिले थे, ताकि कुछ और रुपये ऐठे जा सके। हालांकि वह योजना में सफल नहीं हो सके और पकड़े गए।

कालर का लगाया जा रहा पता

सीओ ने बताया कि रामानंद की तहरीर पर कार्रवाई हुई है, जबकि अंजान व्यक्ति ने कंट्रोल रूम को काल किया था। उसके बारे में पता किया तो कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में उसका फोन भी बंद आया था। उन्होंने बताया कि अन्य पीड़ितों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। कार्यालय में कुछ दस्तावेज भी मिले हैं, उनमें कुछ महत्वूपर्ण जानकारी हाथ लगी है।